राजनीति

BRICS की मीटिंग में किस-किस राज्य के मुख्यमंत्री शामिल नहीं हुए? जानें

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 14 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
BRICS की मीटिंग में किस-किस राज्य के मुख्यमंत्री शामिल नहीं हुए? जानें

नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स बैठक समाप्त हो गई.

बैठक में विपक्ष शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं हुए, जबकि सभी मुख्यमंत्रियों को इसमें आमंत्रित किया गया था.

विपक्षी मुख्यमंत्रियों के बैठक में नहीं पहुंचने को लेकर कोई आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है.

हालांकि, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश के सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और सुखविंदर सिंह सुक्खू पहले से तय कार्यक्रमों में व्यस्त थे.

वहीं, BJP शासित छह राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक में पहुंचे. उन्होंने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित रात्रिभोज में हिस्सा लिया.

BJP शासित छह राज्यों के मुख्यमंत्री पहुंचे

रात्रिभोज में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शामिल हुईं.

इसके अलावा केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के.

शिवकुमार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बैठक में नहीं पहुंचे.

पहले भी विपक्षी दलों ने बनाई दूरी

विपक्षी दल इससे पहले भी कई अहम बैठकों से दूरी बना चुके हैं.

जुलाई 2024 में नीति आयोग की नौवीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक का भी विपक्षी दलों ने बहिष्कार किया था.

कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ INDIA ब्लॉक के कुछ नेताओं ने भी उस बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया था.

इनमें केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, आम आदमी पार्टी शासित पंजाब और दिल्ली की सरकारें तथा उस समय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन शामिल थे.

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📡 स्रोत: ABP Live

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

ब्रिक्स (BRICS) की दो दिवसीय बैठक में विपक्षी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों का अनुपस्थित रहना एक प्रमुख मुद्दा बना। सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया गया था, फिर भी तेलंगाना के रेवंत रेड्डी और हिमाचल प्रदेश के सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाग नहीं लिया। यह घटना भारत के आंतरिक राजनीतिक विभाजन को उजागर करती है। मीडिया और जनता के लिए यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाता है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राज्यों के प्रतिनिधित्व में असमानता हो सकती है। यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है त

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