BRICS के प्रस्ताव से गदगद हुए सलमान खुर्शीद, 'कोई कारण नहीं दिखता कि...'
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने ब्रिक्स नई दिल्ली डिक्लेरेशन के सभी प्रस्ताव पास होने का स्वागत किया है. उन्होंने इसे बेहतर और सबकी सहमति से तैयार किया गया डॉक्यूमेंट बताया.
उन्होंने कहा, अच्छी बात यह है कि कुछ बहुत ही विवादास्पद और टकराव वाले मुद्दे सामने आने के बावजूद सभी ने एक आम सहमति वाले बयान को स्वीकार किया है. मुझे लगता है कि हमें इसका स्वागत करना चाहिए.
खुर्शीद ने आगे कहा, 'BRICS के प्रस्ताव में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की घटना और सीमा पार आतंकवाद की कड़ी निंदा की गई है.
इसमें दुनिया को आतंकवाद-मुक्त बनाने की बात कही गई.
निश्चित तौर पर इस संयुक्त बयान में ऐसे पहलू हैं, जिन्हें बहुत संतोष के साथ देखा जा सकता है.'
'किसी को इसका विरोध नहीं करना चाहिए'
कांग्रेस नेता ने आगे कहा, प्रस्ताव में बिना संयुक्त राष्ट्र की अनुमति के देशों पर लगाई जाने वाली एकतरफा पाबंदियों को सही नहीं माना गया है.
इसमें गाजा का समर्थन किया गया है और इजरायल-फिलिस्तीन विवाद को खत्म करने के लिए 'टू स्टेट सॉल्यूशन' की बात पर जोर दिया गया है.
उन्होंने आगे कहा कि इस साझा बयान में देश और दुनिया के हित की कई अहम बातें हैं, इसलिए किसी को भी इसका विरोध नहीं करना चाहिए.
#WATCH | Delhi: On the BRICS currency, Former External Affairs Minister and Congress leader Salman Khurshid says, "I think that's a difficult area.
There are some exceptions to the issue of a BRICS currency, and those are very difficult areas. I think everybody knows that. So, pic.twitter.com/fjAisncslo
ANI (@ANI) September 12, 2026
<script src="https://platform.
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
ब्रिक्स (ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ़्रीका) के नई दिल्ली डिक्लेरेशन में भारत के प्रस्ताव को सभी सदस्य देशों ने स्वीकार किया, जिसे कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने सराहा। यह दस्तावेज़ वैश्विक आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा मुद्दों पर एक आम सहमति दर्शाता है। खबर का महत्व इस बात में है कि भारत ने बहुपक्षीय मंच पर अपनी भूमिका मजबूत की है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा दिया है। आम जनता के लिए इसका असर व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसरों के रूप में हो सकता है, साथ ही वैश्विक आर्थिक स्थिरता में