राजनीति

BRICS समिट के फायदों पर कांग्रेस में मतभेद:चिदंबरम ने पूछा- भारत को क्या मिला; थरूर बोले- 11 देशों वाला मंच भारत की कूटनीतिक ताकत

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 16 सितंबर 2026 👁️ 2 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
BRICS समिट के फायदों पर कांग्रेस में मतभेद:चिदंबरम ने पूछा- भारत को क्या मिला; थरूर बोले- 11 देशों वाला मंच भारत की कूटनीतिक ताकत

भारत में BRICS समिट को लेकर कांग्रेस के दो सीनियर नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी.

चिदंबरम ने BRICS समिट से भारत को मिले ठोस फायदे पर सवाल उठाए थे। इसके एक दिन बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने BRICS को भारत के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत में इसका सम्मेलन होना देश की बड़ी कूटनीतिक ताकत और प्रतिष्ठा को दिखाता है। थरूर ने कहा कि सदस्य और पर्यवेक्षक देशों के बड़े नेता भारत आ रहे हैं, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।

इतने देशों के नेताओं को एक मंच पर लाना भारत की दूसरे देशों को साथ लाने की कूटनीतिक क्षमता को दिखाता है। थरूर ने BRICS को ग्लोबल साउथ के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ में 100 से ज्यादा देश हैं, लेकिन BRICS में शामिल 11 प्रमुख देश दुनिया की बड़ी आबादी और करीब 41% वैश्विक GDP का प्रतिनिधित्व करते हैं।

ऐसे में इस समूह को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। थरूर बोले- BRICS के सामने कई चुनौतियां भी; 5 पॉइंट्स 1.

BRICS में मतभेद: सभी सदस्य देशों की विदेश नीति और हित एक जैसे नहीं हैं। इसलिए बड़े वैश्विक मुद्दों पर सहमति बनाना मुश्किल है। 2.

ईरान-इजराइल और रूस-यूक्रेन मुद्दा: मई में BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में इन मुद्दों पर मतभेद सामने आए। साझा बयान जारी नहीं हो सका। 3.

भारत की चेयर डिक्लेरेशन: संयुक्त बयान की जगह भारत ने BRICS अध्यक्ष के तौर पर अपनी ओर से चेयर डिक्लेरेशन जारी किया। 4.

आगामी सम्मेलन की चुनौती: अगर बड़े मुद्दों पर फिर सहमति नहीं बनी तो BRICS की एकजुटता पर सवाल उठ सकते हैं। इसे भारत के लिए कूटनीतिक चुनौती माना जाएगा। 5.

व्यापार घाटा भी चिंता: BRICS देशों को भारत का निर्यात कम है, जबकि वहां से आयात ज्यादा है। यानी भारत BRICS देशों से ज्यादा सामान खरीद रहा है। चिदंबरम ने पूछा था- आखिर मिला क्या?

थरूर के बयान से एक दिन पहले चिदंबरम ने सवाल किया था कि भारत BRICS के अलावा G20, QUAD और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) जैसे कई बहुपक्षीय संगठनों का हिस्सा है, लेकिन इन संगठनों से देश को वास्तव में क्या ठोस लाभ मिला है, इस पर विचार होना चाहिए। BJP ने कांग्रेस पर साधा निशाना चिदंबरम के बयान के बाद BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने थरूर के बयान को चिदंबरम की टिप्पणी के विपरीत बताते हुए कांग्रेस में मतभेद होने

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

📰 पूरी खबर पढ़ें (Dainik Bhaskar पर जाएं)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

इस खबर में भारत के कांग्रेस दल के दो वरिष्ठ नेताओं, पी. चिदंबरम और शशि थरूर, के BRICS समिट पर भिन्न-भिन्न मतों पर प्रकाश डाला गया है। चिदंबरम ने समिट से भारत को मिले ठोस लाभ पर सवाल उठाया, जबकि थरूर ने 11-देशीय मंच को भारत की कूटनीतिक शक्ति और प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला बताया। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि BRICS भारत की विदेश नीति और आर्थिक रणनीति का एक प्रमुख हिस्सा है, और इसके परिणाम सीधे देश के अंतरराष्ट्रीय स्थान को प्रभावित करते हैं। आम जनता पर इसका असर रोजगार, व्यापार और वैश्विक बाजार में

J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।