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बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई आज:पतंजलि फूड्स ने 50 करोड़ के मानहानि का दावा किया, घी को नकली बताया था

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 18 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई आज:पतंजलि फूड्स ने 50 करोड़ के मानहानि का दावा किया, घी को नकली बताया था

पतंजलि फूड्स लिमिटेड द्वारा पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर 50 करोड रुपए के दाखिल किए गए मानहानि के मामले को लेकर के आज शुक्रवार को मध्य प्रदेश के इंदौर हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई होगी। जहां बृजभूषण शरण सिंह के अधिवक्ता द्वारा कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया जाएगा। बीते 15 सितंबर को सुनवाई के दौरान कोर्ट में वकालतनामा लगाकर जवाब देने के लिए और समय मांगा था।

कोर्ट ने उन्हें अतिरिक्त समय दे दिया था। जिसके बाद आज सुनवाई हुई। दरअसल भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने उन पर 50 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया है।

ये है पूरा मामला यह पूरा विवाद बृजभूषण शरण सिंह के पतंजलि के उत्पादों, खासकर देसी घी की गुणवत्ता पर सवाल उठाने से जुड़ा है। बृजभूषण ने सार्वजनिक तौर पर पतंजलि के घी को 'नकली' बताया था। उन्होंने लोगों को बाजार से उत्पाद खरीदने के बजाय घर में गाय-भैंस पालने की सलाह दी थी। इसके बाद दोनों पक्षों में जुबानी जंग तेज हो गई थी।

पतंजलि फूड्स लिमिटेड के वकील विक्रम मालवीय के अनुसार,पूर्व सांसद के गैर-जिम्मेदाराना बयानों से ब्रांड की साख को गहरा नुकसान पहुंचा है। कंपनी ने अदालत में दलील दी कि इन सार्वजनिक बयानों के सीधे असर से कंपनी के शेयरों के दाम गिर गए, जिससे उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ। इसी आधार पर कंपनी ने 50 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है।

पतंजलि फूड्स का रजिस्टर्ड ऑफिस इंदौर के विजय नगर में है, इसलिए यह केस सबसे पहले इंदौर जिला अदालत में दायर किया गया था। जिला अदालत से नोटिस जारी होने के बाद जब मामला ट्रायल स्टेज पर पहुंचा, तब इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को स्वीकार करने को लेकर तकनीकी विवाद हो गया। कंपनी ने इलेक्ट्रॉनिक सबूतों और सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

जिस पर अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह से सफाई मांगी थी। यह टकराव साल 2022 से लगातार बढ़ता गया है। अब आज 18 सितंबर को होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं, जहां बृजभूषण शरण सिंह को अपना आधिकारिक पक्ष रखना होगा।

📡 स्रोत: NewsData.io

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