देश

ब्रिक्स बाजार में छाई मध्यप्रदेश की बाग प्रिंट, विदेशी प्रतिनिधियों ने खुद लगाए पारंपरिक ठप्पे

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 11 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
ब्रिक्स बाजार में छाई मध्यप्रदेश की बाग प्रिंट, विदेशी प्रतिनिधियों ने खुद लगाए पारंपरिक ठप्पे

नई दिल्ली/भोपाल। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर लगाए गए ब्रिक्स बाजार में मध्यप्रदेश के धार जिले की प्रसिद्ध बाग प्रिंट विदेशी प्रतिनिधियों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्राकृतिक रंगों और लकड़ी के बारीकी से नक्काशी किए गए ब्लॉक्स से तैयार होने वाली इस पारंपरिक कला का यहां जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है।

ब्रिक्स बाजार में आने वाले देश-विदेश के प्रतिनिधियों को बाग प्रिंट की पारंपरिक तकनीक, प्राकृतिक रंगों के इस्तेमाल और लकड़ी के ब्लॉक्स से कपड़े पर छपाई की पूरी प्रक्रिया से परिचित कराया जा रहा है।

विदेशी प्रतिनिधियों ने खुद लगाए ठप्पे

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने आए विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने बाग प्रिंट स्टॉल का दौरा किया और पारंपरिक ब्लॉक प्रिंटिंग की बारीकियों को करीब से जाना। प्रतिनिधियों ने न केवल इस कला की सराहना की, बल्कि स्वयं लकड़ी के नक्काशीदार ब्लॉक्स को रंग में डुबोकर कपड़े पर ठप्पे भी लगाए।

इस अवसर के लिए विशेष रूप से ‘BRICS’ लोगो वाले लकड़ी के ब्लॉक्स तैयार किए गए थे। प्रतिनिधियों ने इन ब्लॉक्स से कपड़ों पर प्रिंट तैयार किए और उन्हें स्मृति-चिह्न के रूप में अपने साथ ले गए।

वैश्विक मंच पर मिली नई पहचान

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर बाग प्रिंट का प्रदर्शन मध्यप्रदेश की पारंपरिक कला और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने रखने का महत्वपूर्ण अवसर है। विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों द्वारा इस कला को करीब से समझना और इसकी प्रक्रिया में स्वयं भाग लेना बाग प्रिंट के कारीगरों और शिल्प परंपरा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

प्राकृतिक रंगों और लकड़ी के नक्काशीदार ब्लॉक्स के इस्तेमाल के लिए पहचान रखने वाली बाग प्रिंट मध्यप्रदेश की विशिष्ट हस्तशिल्प परंपरा है। पारंपरिक तकनीक और डिजाइनों के कारण इस कला ने देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। ब्रिक्स बाजार में इसके प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को मध्यप्रदेश की इस कला को करीब से जानने का अवसर मिल रहा है।

ब्रिक्स बाजार में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, वियतनाम, ईरान, कजाकिस्तान, इंडोनेशिया, मलेशिया, बेलारूस और इथियोपिया सहित विभिन्न देशों के कलाकार और शिल्पकार भी भाग ले रहे हैं।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

ब्रिक्स बाजार में मध्यप्रदेश की बाग प्रिंट का प्रदर्शन एक पारंपरिक हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाया है। यह विषय बाग प्रिंट की अनूठी कला और उसके संरक्षण के प्रयासों को उजागर करता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाती है और विदेशी प्रतिनिधियों को सीधे अनुभव कराने से सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलता है। आम जनता पर इसका असर सकारात्मक हो सकता है, क्योंकि इससे स्थानीय कारीगरों को आर्थिक लाभ मिलेगा, पर्यटन बढ़ेगा, और परंपरागत कला के प्

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।