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ब्रिटेन से अमेरिकी सैन्य विमान शिफ्ट होने के पीछे ईरान का हाथ? राष्ट्रपति ट्रंप ने तेहरान को नुकसान उठाने की चेतावनी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 7 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
ब्रिटेन से अमेरिकी सैन्य विमान शिफ्ट होने के पीछे ईरान का हाथ? राष्ट्रपति ट्रंप ने तेहरान को नुकसान उठाने की चेतावनी

President Trump: अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग बढ़ती जा रही है. एक बार फिर अमेरिका ने ईरान को खुली चेतावनी दी है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ब्रिटेन से अमेरिकी सैन्य विमानों को दूसरी जगह भेजने की वजह बने सुरक्षा खतरों के पीछे ईरान का हाथ पाया गया, तो तेहरान को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.

ट्रंप ने यह भी कहा कि वह ईरानी नेतृत्व से सीधे बातचीत करने के लिए तैयार हैं.

मरीन वन से रवाना होने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, ऊर्जा बाजार, अमेरिकी बमवर्षक विमानों की तैनाती में बदलाव और फ्लाईदुबई से जुड़ी घटना पर सवालों के जवाब दिए.

जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या किसी खास खतरे के कारण ब्रिटेन से अमेरिकी बमवर्षक विमानों को हटाया गया, तो उन्होंने इसकी पुष्टि की. उन्होंने कहा कि विमानों को बिना किसी वजह के वहां से नहीं हटाया गया था.

ट्रंप ने कहा कि हां, ऐसा कहा जा सकता है. मेरा मतलब है कि वे गलती से वहां से नहीं उड़ गए थे. कुछ खतरे थे- ट्रंप ट्रंप ने कहा कि कुछ सुरक्षा खतरे मिले थे. कहा कि कुछ खतरे थे.

दुश्मन को उकसाने के बजाय हम उसे पकड़ेंगे और हराएंगे. ऐसे में हम अपने विमानों को वहीं क्यों रखें? इसलिए हमने उन्हें दूसरी जगह भेज दिया, हालांकि बहुत दूर नहीं.

शुरुआती जांच में सुरक्षा खतरे के पीछे कौन था, इसका तुरंत पता नहीं चल पाया.

बाद में यह जांच की गई कि क्या ब्रिटेन में लड़ाकू ड्रोन लाए गए थे, जिसके कारण अमेरिकी विमानों को दूसरी जगह भेजने का फैसला करना पड़ा.

इस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैं आपको यह नहीं बता सकता, लेकिन अगर ऐसा हुआ है तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.

यह भी पढ़ें: हूती विद्रोहियों के खिलाफ 'मक्का पैक्ट' एक्टिव, सऊदी अरब में अपनी सेना तैनात करेगा पाकिस्तान अमेरिकी ने संदिग्धों की पहचान का किया दावा ट्रंप ने बाद में कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने सुरक्षा चेतावनी देने वाले लोगों की पहचान कर ली है.

उन्होंने कहा कि हमें खतरा मिला था और अगर हमें धमकी दी जाएगी तो हम उन लोगों को हटा देंगे. इससे समस्या खत्म हो जाएगी.

हम जानते हैं कि धमकी देने वाले लोग कौन हैं और वे अपने लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर रहे हैं.

जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या इन लोगों का ईरान से संबंध है, तो उन्होंने कहा कि उनका ईरान से संबंध होगा. हालांकि सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है, ट्रंप ने ब्रिटेन पर भरोसा जताया.

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सैन्य अभियानों की सुरक्षा और सहयोग लगातार जारी है.

ब्रिटेन से संबंध पर दिया बयान जब राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा गया कि क्या ब्रिटेन अमेरिकी कर्मियों के लिए एक सुरक्षित वातावरण बना हुआ है, तो उन्होंने जवाब दिया कि मुझे लगता है कि ऐसा ही है और मेरे आपके नए प्रधानमंत्री के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं.

तेहरान को सीधे तौर पर चेतावनी देने के बावजूद, अमेरिकी राष्ट्रपति ने राजनयिक रूप से बातचीत करने की इच्छा जताई और जब उनसे पूछा गया कि क्या वह सीधी बातचीत के लिए तैयार हैं, तो उन्होंने संक्षेप में हां में जवाब दिया.

ब्रिटेन से प्लेन शिफ्ट हटाने का क्या विवाद है?

अमेरिका ने ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस से अपने सभी बी-1 बमवर्षक विमान वापस बुला लिए हैं.

यह फैसला एयरबेस के पास 27 सितंबर को तीन संदिग्ध वैन और कुछ नकाबपोश लोगों के देखे जाने के बाद लिया गया.

इस मामले की जांच के दौरान ब्रिटिश पुलिस ने एक ब्रिटिश-ईरानी नागरिक समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया.

संदिग्धों की रिहाई पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी प्रशासन ने नाराजगी जताई थी.

बताया जा रहा है कि इन विमानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ अभियानों में किया जा रहा था और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को आशंका थी कि ईरान समर्थित समूह इस एयरबेस को निशाना बना सकते हैं.

हालांकि, ईरान ने इन आरोपों को खारिज किया है. यह भी पढ़ें: फ्लाईदुबई हमले की साजिश से हटा पर्दा! शिन बेट की पूछताछ में क्या सामने आया?

📡 स्रोत: NewsData.io

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