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बूंदी में गणपति बप्पा को नम आंखों से विदाई

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बूंदी में गणपति बप्पा को नम आंखों से विदाई

अनंत चतुर्दशी पर बूंदी में गणपति विसर्जन को लेकर शहर में उत्साह का माहौल रहा। ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आना’ के जयकारों के बीच जैत सागर झील में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।

बूंदी, 25 सितम्बर। छोटी काशी बूंदी में अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणपति विसर्जन का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। गणेश चतुर्थी पर घरों, गली-मोहल्लों और विभिन्न पंडालों में विराजमान प्रथम पूज्य भगवान गणेश की प्रतिमाओं को श्रद्धालुओं ने आज नम आंखों से विदाई दी।

सुबह से ही शहर में गणपति विसर्जन को लेकर उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालु छोटी-बड़ी गणेश प्रतिमाओं को हाथों और थालियों में सजाकर परिवार एवं मोहल्लेवासियों के साथ विसर्जन के लिए निकले। इस दौरान ढोल-नगाड़ों की थाप और ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आना’ के जयकारों से शहर का माहौल भक्तिमय हो गया।

विसर्जन यात्रा में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। मुख्य बाजार से होते हुए श्रद्धालुओं के जुलूस जैत सागर झील की ओर पहुंचे। रास्तेभर भक्तों में भगवान गणेश के प्रति आस्था और उत्साह नजर आया।

जैत सागर झील पर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की और सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। इसके बाद विधि-विधान के साथ नाव के जरिए गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।

बप्पा की विदाई के दौरान श्रद्धालु भावुक नजर आए। भक्तों ने नम आंखों से भगवान गणेश को विदाई देते हुए अगले वर्ष फिर से जल्दी आने की प्रार्थना की। विसर्जन के साथ ही गणेश चतुर्थी से शुरू हुए गणपति उत्सव का समापन हुआ।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।