खेल

बूंदी में RSS का भव्य पथ संचलन, जगह-जगह हुई पुष्प वर्षा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बूंदी में RSS का भव्य पथ संचलन, जगह-जगह हुई पुष्प वर्षा

बूंदी में विजयदशमी की पूर्व संध्या पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भव्य पथ संचलन निकाला। घोष की धुन पर कदमताल करते स्वयंसेवकों का शहर में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।

बूंदी, 20 अक्टूबर। विजयदशमी पर्व की पूर्व संध्या पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से बूंदी शहर में भव्य पथ संचलन निकाला गया। अनुशासन और उत्साह के साथ निकले इस संचलन में बच्चे, युवा और बुजुर्ग सहित विभिन्न आयु वर्ग के स्वयंसेवकों ने भाग लिया। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते पथ संचलन का जगह-जगह नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।

पथ संचलन की शुरुआत बूंदी के खेल संकुल से हुई। यहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से प्रार्थना, ध्वज प्रणाम और शस्त्र पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद स्वयंसेवक अनुशासित तरीके से पंक्तिबद्ध होकर पथ संचलन के लिए रवाना हुए।

खेल संकुल से शुरू हुआ पथ संचलन खोजा गेट, लंका गेट सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। इस दौरान स्वयंसेवक घोष की धुन पर कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ते नजर आए। ड्रम वादन, बांसुरी वादन और हाथों में दंड लिए स्वयंसेवकों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

पथ संचलन में शामिल बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में खासा उत्साह देखने को मिला। स्वयंसेवकों ने अनुशासन और एकरूपता के साथ पूरे मार्ग पर संचलन किया।

पथ संचलन के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। विजयदशमी की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बूंदी शहर में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला।

बूंदी में निकले इस पथ संचलन में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की भागीदारी और नागरिकों द्वारा किए गए स्वागत ने आयोजन को विशेष बना दिया।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

बूंदी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने विजयदशमी की पूर्व संध्या पर भव्य पथ संचलन आयोजित किया, जिसमें स्वयंसेवक घोष की धुन पर कदमताल करते हुए शहर के प्रमुख स्थानों पर पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया गया। यह कार्यक्रम RSS के अनुशासन, एकता और सामाजिक सेवा के मूल्यों को प्रदर्शित करता है, जो स्थानीय समाज में सांस्कृतिक और धार्मिक उत्साह को बढ़ाता है। इस प्रकार के बड़े पैमाने पर आयोजन से लोगों में एकजुटता और राष्ट्रीय पहचान की भावना जागृत होती है, साथ ही नागरिकों के बीच शांति और सहयोग को बढ़ावा मिलता है

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।