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बुरहानपुर में AIMIM प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकर्ताओं ने फूंका पुतला: मोहसिन अली खान पर पैसे लेकर पद बांटने के आरोप; कुछ ने छोड़ी पार्टी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 13 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बुरहानपुर में AIMIM प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकर्ताओं ने फूंका पुतला:  मोहसिन अली खान पर पैसे लेकर पद बांटने के आरोप; कुछ ने छोड़ी पार्टी

वॉयस ऑफ क्रांति के वरिष्ठ समाचार संपादक ने इस रिपोर्ट में बुरहानपुर, मध्य प्रदेश में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (अखिल भारतीय मुस्लिम इंटेग्रेटेड मोवमेंट) के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान के पुतले को फोड़ने के विरोध प्रदर्शन की मुख्य जानकारी प्रस्तुत की है। \प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मोहसिन अली खान पद बेचने और पार्टी के संसाधनों का दुरुपयोग करने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष जहीर उद्दीन ने इस आरोप को पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचाने के रूप में बताया।

प्रदर्शन के दौरान, एआईएमआईएम के कार्यकर्ताओं ने मोहसिन अली खान के पुतले को फोड़ते हुए नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि खान पद बेचने के लिए पैसे लेता है और इस कारण से कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। इस विरोध का मुख्य उद्देश्य पार्टी के भीतर पद वितरण की अनियमितता को उजागर करना और वरिष्ठ तथा गरीब कार्यकर्ताओं की अनदेखी को सामने लाना था।

जहीर उद्दीन, जो पहले एआईएमआईएम के जिलाध्यक्ष रहे हैं, ने बताया कि मोहसिन अली खान को सीधे प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था, जबकि वह पहले पार्टी के सदस्य नहीं थे। उन्होंने कहा कि खान के कई ऑडियो क्लिप वायरल हुए हैं, जिनमें वह पद बेचने की बात करते दिखते हैं, जिससे पार्टी की छवि को गंभीर नुकसान हो रहा है। उद्दीन ने यह भी कहा कि इस घटना के बाद कई कार्यकर्ताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

पुत्रिका फोड़ने के बाद, प्रदर्शनकारियों ने यह संदेश असदुद्दीन ओवैसी तक पहुँचाने की कोशिश की कि मध्य प्रदेश में पार्टी के अंदर भ्रष्टाचार और पद बिक्री की समस्या गंभीर है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता और गरीब वर्ग की अनदेखी की जा रही है, जिससे आंतरिक असंतोष बढ़ रहा है।

प्रदर्शन में उपस्थित कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी ने इस मुद्दे को सार्वजनिक करने के लिए एकत्रित होकर आवाज़ उठाई। उन्होंने कहा कि यदि यह समस्या हल नहीं हुई तो पार्टी के भीतर और अधिक विभाजन हो सकता है और कई सदस्य कांग्रेस या अन्य राजनीतिक दलों में शामिल हो सकते हैं।

पुलिस ने इस घटना पर तत्काल कार्रवाई की सूचना नहीं दी, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कोई हिंसा नहीं हुई और न ही कोई संपत्ति को नुकसान पहुँचा। पुलिस ने यह भी कहा कि यदि कोई आपराधिक शिकायत दर्ज होती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

जहीर उद्दीन ने पुलिस को इस मामले की जांच करने का आह्वान किया, यह कहते हुए कि यदि पुतले को फोड़ने के पीछे कोई वैध कारण नहीं है तो इसे सार्वजनिक व्यवस्था के उल्लंघन के रूप में दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के भीतर पद बिक्री के आरोपों की सच्चाई स्पष्ट करने के लिए एक स्वतंत्र जांच समिति बनानी चाहिए।

एआईएमआईएम के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे इस मुद्दे को हल करने के लिए पार्टी के उच्चतम स्तर से स्पष्ट उत्तर की मांग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यदि पार्टी इस समस्या को हल नहीं करती है तो कई सदस्य पार्टी छोड़ सकते हैं, जिससे पार्टी की कार्यक्षमता और चुनावी संभावनाओं पर असर पड़ेगा।

समाज और प्रशासनिक दृष्टिकोण से इस घटना ने राजनीतिक दलों में पद वितरण की पारदर्शिता और आंतरिक लोकतंत्र के महत्व को उजागर किया है। यदि इस प्रकार के आरोपों को बिना जांचे-परखे नजरअंदाज किया जाता है, तो जनता का भरोसा कमज़ोर हो सकता है और राजनीतिक अस्थिरता बढ़ सकती है।

निष्कर्षतः, बुरहानपुर में एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष के पुतले को फोड़ने का विरोध प्रदर्शन पार्टी के भीतर पद बिक्री के आरोपों को लेकर गंभीर असंतोष को दर्शाता है। अब तक कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट नहीं आई है, परन्तु पार्टी के भीतर और बाहर से दबाव बढ़ रहा है कि इस मुद्दे की सच्चाई उजागर की जाए। यदि उचित कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी के भीतर विभाजन और सदस्यता में गिरावट की संभावना बनी हुई है, जिससे आगामी चुनावों में पार्टी की स्थिति पर असर पड़ सकता है।

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।