बुरहानपुर की सरिता मौर्य ने मूर्तिकला को बनाया रोजगार का जरिया, बनीं आत्मनिर्भर
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सरिता की दुर्गा प्रतिमाओं की महाराष्ट्र में मांग, नवरात्रि पर भेजी जा रहीं एक हजार से अधिक मूर्तियां
बुरहानपुर की सरिता मौर्य ने मूर्तिकला को रोजगार का जरिया बनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भरता के संदेश से प्रेरित होकर सरिता ने मिट्टी से देवी प्रतिमाएं बनाना शुरू किया। आज उनकी तैयार की गई मां दुर्गा की प्रतिमाओं की महाराष्ट्र के कई शहरों में मांग है।
नवरात्रि के अवसर पर इस बार बुरहानपुर से एक हजार से अधिक प्रतिमाएं महाराष्ट्र भेजी जा रही हैं। रोजाना 30 से 40 प्रतिमाएं वाहनों के जरिए रवाना हो रही हैं। ये प्रतिमाएं भुसावल, जलगांव, बुलढाणा, अमरावती, नासिक, मुक्ताईनगर, मलकापुर, चौपड़ा और पाचोरा तक पहुंचेंगी। सरिता ने अपने हुनर को व्यवसाय से जोड़कर न केवल खुद के लिए रोजगार का अवसर बनाया, बल्कि उनके साथ काम करने वाले दर्जनों लोगों को भी रोजगार मिल रहा है।
उनकी पहल स्थानीय कला और महिला आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही है।
बाइट्स:
- सरिता मौर्य — मूर्तिकार, बुरहानपुर
- पवन महाजन — रोजगार से जुड़े युवक, बुरहानपुर