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बुरहानपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए वित्तीय जागरूकता शिविर, साइबर ठगी से बचाव के बताए उपाय

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 9 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बुरहानपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए वित्तीय जागरूकता शिविर, साइबर ठगी से बचाव के बताए उपाय

डिजिटल बैंकिंग, OTP और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा पर जोर; डिजिटल अरेस्ट या ऑनलाइन फ्रॉड की स्थिति में 1930 पर शिकायत की दी जानकारी

बुरहानपुर, अक्टूबर 08: वरिष्ठ नागरिकों को वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से स्थानीय ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में वित्तीय जागरूकता एवं वित्तीय सतर्कता शिविर आयोजित किया गया।

शिविर में वरिष्ठ नागरिकों को बैंकिंग सुविधाओं, डिजिटल लेन-देन और साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। उन्हें ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, बैंकिंग फ्रॉड और OTP या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से होने वाले नुकसान के प्रति सतर्क किया गया।

इस दौरान डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन फ्रॉड जैसी घटनाओं से बचाव के उपाय भी बताए गए। साइबर ठगी का शिकार होने की स्थिति में 1930 टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई गई।

वरिष्ठ नागरिकों को PhonePe, ATM और फंड ट्रांसफर सहित विभिन्न डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं का सुरक्षित तरीके से उपयोग करने की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या लेन-देन में सावधानी बरतने और अपनी बैंकिंग जानकारी गोपनीय रखने के लिए प्रेरित किया गया।

शिविर का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल वित्तीय सेवाओं के प्रति आत्मनिर्भर, जागरूक और सतर्क बनाना रहा।

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बाईट अक्षय शर्मा -मास्टर ट्रेनर बाईट शैलेन्द्र गौर - वरिष्ठ नागरिक बुरहानपुर

💡 पृष्ठभूमि (Background)

बुरहानपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए वित्तीय जागरूकता शिविर डिजिटल बैंकिंग, OTP और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा पर केंद्रित है। यह पहल नागरिकों को साइबर ठगी से बचने के उपाय सिखाती है, जिससे वे अपने धन और पहचान की रक्षा कर सकें। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि वृद्ध वर्ग अक्सर ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार बनता है, और जागरूकता से उन्हें नुकसान से बचाया जा सकता है। शिविर के माध्यम से नागरिकों को 1930 पर शिकायत करने की प्रक्रिया भी सिखाई जाती है, जिससे वे तुरंत कार्रवाई कर सकें। इस कार्यक्रम से आम जनता में

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

सभी वरिष्ठ नागरिकों को यह याद दिलाना ज़रूरी है कि डिजिटल दुनिया में भी सुरक्षा की ज़रूरत है। बैंकिंग ऐप्स, OTP और व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखने के सरल नियम अपनाकर हम खुद को और अपने परिवार को साइबर ठगी से बचा सकते हैं। जब भी कोई अनजान कॉल या संदेश मिले, तुरंत बैंक को सूचित करें और 1930 पर रिपोर्ट करें। इस तरह की जागरूकता से न केवल वित्तीय नुकसान रोका जा सकता है, बल्कि बुजुर्गों का आत्मविश्वास भी बढ़ता है, जिससे समाज में विश्वास और समृद्धि की नींव मजबूत होती है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।