राजनीति

कैबिनेट की अगली बैठक में प्रदेश की नई औद्योगिक नीति को मिलेंगी मंजूरी: हर्षवर्धन चौहान

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
कैबिनेट की अगली बैठक में प्रदेश की नई औद्योगिक नीति को मिलेंगी मंजूरी: हर्षवर्धन चौहान

बोले: हिमाचल में लोकल बेस्ट उद्योगों को स्थापित करने पर दिया जाएगा बल

अक्तूबर 28, सिरमौर (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल सरकार कैबिनेट की अगली बैठक में हिमाचल प्रदेश में नई औद्योगिक नीति को मंजूरी प्रदान करेगी। यह जानकारी नाहन में आज उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने दी। वही मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में विभिन्न विकासात्मक योजना में सामने आ रही अनियमिताओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई अमल में लाई जाए।

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने नाहन में आज जिला स्तरीय 20 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि हिमाचल में सरकार नहीं औद्योगिक नीति लाने जा रही है जिसमें मुख्य रूप से लोकल बेस्ड इंडस्ट्री को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है और सरकार की कोशिश है कि प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में भी उद्योगों को स्थापित किया जाए उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 4 सालों में हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र में करीब 25 हजार करोड रुपए का निवेश हुआ है।

मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि बैठक के दौरान जिला के विभिन्न ब्लाकों में अनेकों योजनाओं में अनियमिताओं बरतने का मामला सामने आया है जिस पर अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं उन्होंने कहा की मौजूदा सरकार किसी भी सूरत में भ्रष्टाचार को सहन नहीं करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न विकासात्मक योजनाओं के लिए स्वीकृत बजट खर्च न होने का भी मामले भी बैठक सामने आए है जिसमें अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

वहीं नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के आरोपों पर मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सरकार किसी भी तरीके से धारा 118 के साथ छेड़छाड़ नहीं कर रही है उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए विपक्षी दल इसे झूठ बोलकर सिर्फ मुद्दा बनाना चाहता है ।

बाईट: हर्षवर्धन चौहान, उद्योग मंत्री, हिमाचल सरकार

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।