राज्य

कैबिनेट सचिव से मिले मुख्य सचिव, राजस्थान में पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण की दी जानकारी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
कैबिनेट सचिव से मिले मुख्य सचिव, राजस्थान में पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण की दी जानकारी

जयपुर, 3 नवंबर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित सेवा तीर्थ में कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन से मुलाकात कर राजस्थान में डिरेगुलेशन एंड कम्प्लायंस रिडक्शन और ज्ञान भारतम् मिशन की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिरेगुलेशन एंड कम्प्लायंस रिडक्शन के पहले चरण में राज्य को आवंटित सभी 23 प्राथमिकता क्षेत्रों में कार्रवाई पूरी कर ली गई है, जबकि दूसरे चरण के 28 प्राथमिकता क्षेत्रों में से 24 पर की गई कार्रवाई को केंद्र की सहमति मिल चुकी है।

शेष चार में से तीन पर राज्य स्तर पर कार्यवाही जारी है और एक मामला केंद्र के विचाराधीन है। इन सुधारों के तहत भवन निर्माण, उद्योग स्थापना और व्यावसायिक स्वीकृतियों से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है, ताकि अनावश्यक नियामकीय बाधाएं कम कर निवेश और कारोबार के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा सके।

मुख्य सचिव ने ज्ञान भारतम् मिशन की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में अब तक 24 लाख 63 हजार 769 पांडुलिपियों का सत्यापित सर्वेक्षण किया जा चुका है तथा करीब एक लाख 61 हजार पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण हुआ है। प्रदेश के 19 केंद्रों पर डिजिटलीकरण का कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि इस मिशन के तहत विश्वविद्यालयों, पुस्तकालयों, मंदिरों, मठों, संस्थाओं और निजी पांडुलिपि धारकों के सहयोग से संस्कृत, अरबी, फारसी, प्राकृत, पाली और अपभ्रंश सहित विभिन्न भाषाओं की पांडुलिपियों का सर्वेक्षण एवं संरक्षण किया जा रहा है।

इसका उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक के माध्यम से संरक्षित कर युवा पीढ़ी तक पहुंचाना है।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।