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Canada Nanaksar Gurdwara Attack: 'कोई अपने पूजास्थल में असुरक्षित महसूस न करे', नानकसर गुरुद्वारे पर हमले के बाद बोले PM; सुरक्षा पर सख्त रुख

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 22 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
Canada Nanaksar Gurdwara Attack: 'कोई अपने पूजास्थल में असुरक्षित महसूस न करे', नानकसर गुरुद्वारे पर हमले के बाद बोले PM; सुरक्षा पर सख्त रुख

कनाडा में स्थित प्रसिद्ध नानकसर गुरुद्वारे को निशाना बनाकर की गई तोड़फोड़ और हमले की घटना के बाद सिख समुदाय और भारतीय प्रवासियों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। इस संवेदनशील मामले पर तुरंत संज्ञान लेते हुए देश के नेतृत्व ने कड़े शब्दों में निंदा व्यक्त की है।

सरकार की ओर से स्पष्ट बयान जारी करते हुए कहा गया है कि किसी भी नागरिक को अपने पूजास्थल या प्रार्थना के स्थान पर असुरक्षित या भयभीत महसूस नहीं करना चाहिए और धार्मिक स्थलों की रक्षा करना कानून-व्यवस्था की शीर्ष प्राथमिकता है। नानकसर गुरुद्वारे पर हमले की क्या है पूरी घटना?

घटना के अनुसार, असामाजिक तत्वों द्वारा नानकसर गुरुद्वारा परिसर को निशाना बनाया गया, जिससे संपत्ति को नुकसान पहुंचा और वहां मौजूद श्रद्धालुओं में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और इसे घृणा अपराध (Hate Crime) के संभावित कोण से भी देखा जा रहा है।

घटना की जानकारी मिलते ही गुरुद्वारा प्रबंधन और स्थानीय प्रवासी समुदाय ने एकत्र होकर सुरक्षा बढ़ाने और दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है। धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर सरकार का सख्त संदेश इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने देश में बढ़ती असहिष्णुता और नफरती गतिविधियों के खिलाफ सख्त संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि कनाडा एक बहुसांस्कृतिक और समावेशी समाज है, जहां हर धर्म और समुदाय के लोगों को अपनी आस्था का पालन पूरी स्वतंत्रता और सुरक्षा के साथ करने का अधिकार है।

उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि सभी धार्मिक स्थलों—गुरुद्वारों, मंदिरों, मस्जिदों और चर्चों—की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जाए और संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

सिख समुदाय और प्रवासी भारतीयों में चिंता हाल के महीनों में विभिन्न देशों में धार्मिक स्थलों पर हमलों और तोड़फोड़ की घटनाओं में बढ़ोतरी ने प्रवासी भारतीय समुदाय को चिंतित कर दिया है। नानकसर गुरुद्वारा केवल प्रार्थना का स्थल नहीं, बल्कि स्थानीय समुदाय के लिए लंगर और सामाजिक सेवा का एक बड़ा केंद्र भी है।

समुदाय के नेताओं ने प्रशासन से अपील की है कि केवल बयानों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर ऐसे तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए जो शांति और सद्भाव को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

दोषियों पर त्वरित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन स्थानीय पुलिस और जांच एजेंसियों ने सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की प्रक्रिया तेज कर दी है।

अधिकारियों का कहना है कि नफरत फैलाने या पूजास्थलों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा।

📡 स्रोत: NewsData.io

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