CBI कोर्ट का बड़ा फैसला, 40 हजार रिश्वत लेने वाले IT अधिकारी को 5 साल की सजा
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महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कोर्ट ने मंगलवार (29 सितंबर, 2026) को रिश्वतखोरी के मामले में पूर्व आयकर अधिकारी सतीश कुमार भदानी को आरोपों में दोषी पाए जाने पर पांच साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है.
इसके साथ अदालत ने दोषी पूर्व अधिकारी पर 1.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
दरअसल, सतीश कुमार भदानी महाराष्ट्र के जलगांव स्थित आयकर कार्यालय में वार्ड 2(2) के आयकर अधिकारी के पद से तैनात थे.
जिन पर साल 2016 में अपने पद पर रहने के दौरान 40 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप था.
शिकायतकर्ता से 40 हजार की रिश्वत मांगने का आरोप
सीबीआई के मुताबिक, एक करदाता ने विभाग को शिकायत दी थी कि उसके और उसकी पत्नी के इनकम टैक्स रिटर्न को विस्तृत जांच के लिए चुना गया था.
आरोप था कि मामले में गहन जांच नहीं करने और अनुकूल असेसमेंट आदेश पारित करने के बदले तत्कालीन आयकर अधिकारी सतीश कुमार भदानी ने शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपये के रिश्वत की मांग की थी.
जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ा रंगे हाथ
शिकायतकर्ता की तरफ से शिकायत मिलने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने आरोपी इनकम टैक्स ऑफिसर को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया.
इस बाद आरोपी आयकर अधिकारी सीबीआई के जाल में फंस गया और 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया. इस मामले में सीबीआई ने 23 सितंबर, 2016 को केस दर्ज किया था.
2016 में चार्जशीट दाखिल, 2021 में तय हुआ आरोप और अब सजा
भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने केस दर्ज करने के तीन महीने बाद 28 दिसंबर, 2016 को आरोपी तत्कालीन आयकर अधिकारी सतीश कुमार भदानी के खिलाफ अदालत
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के कोर्ट ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में पूर्व आयकर अधिकारी सतीश कुमार भदानी को रिश्वत लेने के आरोप में पाँच साल की कठोर कैद और 1.50 लाख रुपये का जुर्माना दिया। यह फैसला भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकेत देता है। ऐसे निर्णय से सरकार को यह संदेश मिलता है कि रिश्वतखोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता को यह भरोसा होता है कि भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ न्याय होगा, जिससे सार्वजनिक सेवाओं में विश्वास बढ़ेगा और भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता में वृद्धि होगी।