CG Teacher Bharti: छत्तीसगढ़ के सरकारी कॉलेजों में होगी 700 असिस्टेंट प्रोफेसर्स और 595 प्रोफेसर्स की भर्ती, प्रमोशन पर भी फोकस
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CG Teacher Bharti : छत्तीसगढ़ में सरकारी कॉलेजों में टीचर्स की खाली जगह भरने के लिए भर्ती प्रोसेस तेजी से आगे बढ़ रही है। 700 असिस्टेंट प्रोफेसर्स और 595 प्रोफेसर्स समेत 1295 भर्तियां ( CG Teacher Bharti ) होंगी। 700 असिस्टेंट प्रोफेसर्स असिस्टेंट प्रोफेसर्स के 700 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पहले से चल रही है।
भर्ती में आ रही परेशानियों को दूर कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इन पदों पर नई नियुक्तियां होने से लंबे समय से शिक्षकों की कमी का सामना कर रहे सरकारी कॉलेजों को राहत मिलने की उम्मीद है। 595 प्रोफेसर्स सिर्फ असिस्टेंट प्रोफेसर्स की ही नहीं, बल्कि प्रोफेसर्स के 595 खाली पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया भी तेज की जा रही है।
इससे कॉलेजों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी। भर्ती पूरी होने के बाद लंबे समय से खाली पड़े पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ होगा। प्रिंसिपल प्रमोशन की प्रक्रिया भी जल्द होगी पूरी शिक्षकों की भर्ती ( CG Teacher Bharti ) के साथ विभागीय पदोन्नति पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
डिग्री कॉलेजों में प्राचार्यों के पदों पर रुकी हुई पदोन्नति प्रक्रिया को 15 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। इससे योग्य शिक्षकों को समय पर प्रमोशन मिल सकेगा और खाली पड़े प्राचार्य पदों को भरने का रास्ता भी साफ होगा। अपात्र प्रमोशन की भी जांच प्रमोशन देते समय योग्यता और नियमों का भी ध्यान रखा जा रहा है।
जिन प्रोफेसर्स को योग्य नहीं होने के बावजूद प्रमोशन मिला है, उनके मामलों की जांच की जा रही है। ऐसे मामलों में पहले की गई कार्रवाई की भी समीक्षा होगी। यानी प्रमोशन की सूची तैयार करते समय पात्रता और तय नियमों की जांच जरूरी होगी।
प्रमोशन के लंबित मामले होंगे खत्म सरकार का ध्यान केवल नई भर्ती पर नहीं है, बल्कि लंबे समय से अटके पदोन्नति के मामलों को भी जल्द निपटाने पर है। खासतौर पर डिग्री कॉलेजों में प्राचार्य के पदों पर लंबित प्रमोशन प्रक्रिया पूरी होने से विभाग में पदोन्नति का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।
वेतनमान और कोर्ट केस भी जल्द निपटेंगे वरिष्ठ और प्रवर श्रेणी के वेतनमान से जुड़े कई मामले लंबे समय से लंबित हैं, जिसके चलते टीचर्स को कोर्ट का रुख करना पड़ रहा है। विभाग ने इन लंबित न्यायालयीन मामलों और याचिकाओं को 1 अक्टूबर 2026 तक निपटाने का लक्ष्य रखा है।
इसके अलावा PHD अनुमोदन और शिक्षकों की शिकायतों से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की जा रही है।
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दिसंबर तक सरकारी और निजी कॉलेजों से सीट बढ़ाने के प्रस्ताव लिए जाएंगे, जबकि जनवरी तक इन पर मंजूरी देने की योजना है। लॉ और बीएड जैसे कोर्स के ऑनलाइन आवेदनों का भी समय पर निपटारा किया जाएगा।
📡 स्रोत: NewsData.io