CG Weather Today: छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर जारी, उत्तरी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, अगले 4 दिन बारिश के आसार

CG Weather Today: छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और 18 अगस्त को उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने बिलासपुर, कोरबा, मुंगेली और रायगढ़ समेत कई जिलों के लिए बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के 17 अगस्त के बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट पर बना अवदाब बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है। यह सिस्टम अगले 24 घंटे में उत्तर-उत्तर-पश्चिम और फिर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार की ओर जाने की संभावना है। बीते 24 घंटे में कई जिलों में बारिश पिछले 24 घंटे में उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मौसमी बारिश सामान्य से 9 फीसदी कम रही। बारिश के आंकड़ों में अंबिकापुर में 64.8 मिमी और लालपुर (रायपुर) में 58 मिमी बारिश दर्ज की गई। माना एयरपोर्ट पर 28.9 मिमी बारिश हुई। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान पेंड्रारोड में 32.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 22.7 डिग्री सेल्सियस रहा। अगले 24 घंटे की चेतावनी 18 अगस्त को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। उत्तर छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। मौसम विभाग की अलग चेतावनी के अनुसार बिलासपुर, कोरबा, मुंगेली और रायगढ़ में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी से सीमांत भारी बारिश की संभावना है। सीमांत भारी बारिश का मतलब 24 घंटे में 204.5 मिलीमीटर या उससे ज्यादा बारिश है। यह भी पढ़ें: मध्यप्रदेश में 12 अक्टूबर से होगी TET परीक्षा: डेढ़ लाख टीचर्स देंगे 150 सवालों का एग्जाम, 21 अगस्त से भरे जाएंगे फॉर्म वहीं बलौदाबाजार, बलरामपुर, बेमेतरा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, जशपुर, रायपुर, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सूरजपुर और सरगुजा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। दुर्ग, गरियाबंद, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोरिया, महासमुंद और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में भी भारी बारिश हो सकती है। अगले 48 घंटे की चेतावनी 18 अगस्त के बाद भी बारिश से तुरंत राहत मिलने के आसार नहीं हैं। अगले 48 घंटे में बलरामपुर, जशपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर और सरगुजा में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, मुंगेली और रायगढ़ में भी एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। आने वाले चार दिन कैसा रहेगा मौसम 19 अगस्त: प्रदेश के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। एक-दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। 20 अगस्त: कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। 21 अगस्त: कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिर सकती है। 22 अगस्त: प्रदेश के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दिन मौसम विभाग ने कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है। यह भी पढ़ें: Unclaimed Bank Deposits: पुराने बैंक खाते में पड़ी लावारिस रकम कैसे निकालें? RBI का UDGAM पोर्टल करेगा मदद क्यों हो रही है इतनी बारिश छत्तीसगढ़ में मौजूदा बारिश की मुख्य वजह उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब है। यह सिस्टम पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के तट के पास बना है और इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम आगे बढ़ते हुए गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार की ओर जा सकता है। इसके अलावा मानसून ट्रफ भी सक्रिय है और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इन मौसमी सिस्टम के कारण प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में बारिश का जोर बना हुआ है। यह भी पढ़ें: Ram Mandir Chadhava Chori: अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में SIT की फाइनल रिपोर्ट सौंपी, गृह विभाग ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दी रिपोर्ट मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तेज हवा को लेकर भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विभाग के नाउकास्ट के अनुसार कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अचानक तेज हवा चल सकती है। भारी बारिश के दौरान सड़कों पर फिसलन और जलभराव की स्थिति बन सकती है। निचले इलाकों में पानी भरने और खेतों के जलमग्न होने की संभावना है। बिजली गिरने के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होने से बचने और बिजली की लाइनों से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसानों को खुले में रखी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने को कहा गया है। यह भी पढ़ें: Aaj Ka Mudda: MP का नया औद्योगिक 'गोल'.. BHAVYA से बदलेगा 'भूगोल'..
📡 स्रोत: NewsData.io