चक्रवात 'अर्नब' से तबाही पर खरगे-राहुल ने जताया दुख, केंद्र सरकार से कर दी ये बड़ी मांग
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
चक्रवात अर्नब से आंध्र प्रदेश में हुई तबाही पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दुख प्रकट किया है.
अर्नब से हुई तबाही के मद्देनजर कांग्रेस ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से राज्य सरकारों के साथ मिलकर राहत और पुनर्वास कार्यों का नेतृत्व करने की अपील की.
ताकि PMCARES फंड के जरिए सभी प्रभावित परिवारों को समय पर मदद मिल सके.
मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया है और गहरी संवेदना जाहिर की है.
उन्होंने लिखा, चक्रवात अर्नब के कारण आंध्र प्रदेश में हुई जान-माल की हानि और ओडिशा में लोगों के जीवन में आए भारी व्यवधान से मैं अत्यंत व्यथित हूं. पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं.
केंद्र-राज्य सरकार से की अपील
उन्होंने आगे लिखा, केंद्र सरकार को राज्य सरकारों के साथ मिलकर राहत और पुनर्वास कार्यों का समन्वय करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि PMCARES फंड के जरिए सभी प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता मिले.
मैं कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आग्रह करता हूं कि वे संकट में फंसे लोगों की हर संभव मदद करें.
Deeply distressed by the loss of lives in Andhra Pradesh and the massive disruption to people s lives in Odisha caused by Cyclone Arnab. My heartfelt condolences to the bereaved families.
The Union Government must lead coordinated relief and rehabilitation efforts with State Governments, ensuring timely assistance through PMCARES fund to all the affected families.
I urge Congress workers to extend all possible help to those in distress.
Mallikarjun Kharge (@kharge) October 30, 2026
प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने भी पार्टी के कार्यकर्ताओं से लोगों की मदद करने की अपील की है.
प्रियंका ने कहा, ''मेरी संवेदनाएं आंध्र प्रदेश के उन लोगों के साथ हैं ज
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
चक्रवात "अर्नब" ने आंध्र प्रदेश में व्यापक विनाश किया, जिससे लाखों लोग प्रभावित हुए। इस आपदा के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार से राहत और पुनर्वास कार्यों में सहयोग की अपील की। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि आपदा प्रबंधन में केंद्रीय और राज्य सरकारों के बीच समन्वय से प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता मिल सकती है। यदि सहायता तेज़ी से और प्रभावी ढंग से पहुँचती है, तो जनता की आर्थिक व मनोवैज्ञानिक पुनर्प्राप्ति तेज़ होगी, जिससे समाज की स्थिरता बनी रहेगी।