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चंडीगढ़ की प्रसिद्ध सुखना झील को मिला रामसर साइट का दर्जा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 16 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
चंडीगढ़ की प्रसिद्ध सुखना झील को मिला रामसर साइट का दर्जा

अक्टूबर 16, नई दिल्ली: चंडीगढ़ की प्रसिद्ध सुखना झील को अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि यानी रामसर साइट घोषित किए जाने से इसके संरक्षण और पारिस्थितिक महत्व को वैश्विक पहचान मिलने की उम्मीद है।

इस दर्जे को झील के प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा, प्रवासी पक्षियों के संरक्षण और पर्यावरणीय पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सुखना झील चंडीगढ़ की प्रमुख प्राकृतिक धरोहरों में से एक है। वर्ष 1958 में शहर के नियोजन से जुड़े वास्तुकार ले कोर्बुज़िए की परिकल्पना के तहत इसका निर्माण किया गया था।

झील के निर्माण का उद्देश्य शिवालिक पहाड़ियों से बारिश के दौरान बहकर आने वाले पानी और मिट्टी के कटाव से पैदा होने वाली गाद को नियंत्रित करना था, ताकि शहर को इसके प्रभावों से बचाया जा सके।

प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध सुखना झील स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

झील को रामसर साइट का दर्जा मिलने से चंडीगढ़ की प्राकृतिक विरासत के महत्व को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है। इसके संरक्षण के प्रयास प्रवासी पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं के लिए अनुकूल वातावरण बनाए रखने में मददगार हो सकते हैं।

इसके साथ ही, संरक्षण के प्रयासों से आने वाली पीढ़ियों के लिए इस प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने में भी मदद मिलेगी।

(फोटो स्रोत- @Tourism_of_CHD)

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।