चंद्रबाबू नायडू का बड़ा ऐलान, स्थानीय चुनावों में BC वर्ग को मिलेंगी 40 फीसदी सीटें
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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एन. चंद्रबाबू नायडू ने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर बड़ा बयान दिया है.
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इन चुनावों में पिछड़े वर्गों (BC) को 40 फीसदी तक सीटें देगी.
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव में पार्टी नेताओं के प्रदर्शन के आधार पर उनका आकलन किया जाएगा.
स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी को लेकर रविवार को TDP के वरिष्ठ नेताओं के साथ ऑनलाइन बैठक में नायडू ने उम्मीदवारों के चयन, गठबंधन के तालमेल और चुनाव प्रचार की रणनीति पर चर्चा की.
BC वर्ग को 40 फीसदी तक सीटें देने की बात
चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव पिछड़े वर्गों के योग्य नेताओं को आगे बढ़ने का मौका देते हैं. उनके मुताबिक, उम्मीदवारों के चयन में BC वर्ग को उचित नेतृत्व का मौका दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि इस प्रोसेस में अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के हितों का भी ध्यान रखा जाएगा.
नायडू ने दावा किया कि आंध्र प्रदेश की आबादी में पिछड़े वर्गों की हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी है.
उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से BC समुदाय तक पहुंचने और उनके मुद्दों को लोगों के सामने रखने को कहा.
YSRCP पर लगाए रिर्जवेशन में कटौती के आरोप
नायडू ने विपक्षी YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) पर पिछड़े वर्गों के हितों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया.
उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार के दौरान स्थानीय निकायों में BC आरक्षण 34 फीसदी से घटाकर 24 फीसदी कर दिया गया था और चुनाव में देरी हुई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि YSRCP ने आरक्षण के मुद्दे पर अदालत का रुख किया था.
ये आरोप TDP प्रमुख ने अपनी बैठक में लगाए हैं.
आरक्षण और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े इन दावों का पूरा आकलन करने के लिए संबंधित कानूनी आदेशों और सरकारी रिकॉर्ड को देखना जरूरी है.
नेताओं के प्रदर्शन के आधार पर होगा आकलन
TDP प्रमुख ने कह
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश के आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़े वर्गों (BC) को 40 प्रतिशत सीटें देने का वादा किया है। यह घोषणा TDP की सामाजिक समावेशी नीतियों को दर्शाती है और चुनावी रणनीति में एक नया मोड़ है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह चुनाव के दौरान सामाजिक वर्गों के बीच शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकती है, और BC वर्ग को राजनीतिक मंच पर अधिक आवाज़ मिल सकती है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि BC समुदाय को अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा, जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक समस्याओं पर सरका