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चारधाम सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी, अगले दो दिन अलर्ट

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 29 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
चारधाम सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी, अगले दो दिन अलर्ट

29 अक्तूबर 2026, देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और देहरादून समेत मैदानी इलाकों में रुक-रुककर हो रही बारिश से ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले दो दिनों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, तीन हजार दो सौ मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। केदारनाथ और गंगोत्री धाम में इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई है।

स्वामी राघवेंद्रानंद जी महाराज ने बताया कि बर्फबारी से धाम का नजारा मनमोहक हो गया है और श्रद्धालु इसका आनंद ले रहे हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से गर्म कपड़े पहनने, स्वास्थ्य का ध्यान रखने और पुलिस व प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

मौसम विभाग के अनुसार, कल पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में दो नवंबर तक हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। प्रशासन ने पर्यटकों, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से मौसम की जानकारी लेते रहने और खराब मौसम में सतर्कता बरतने की अपील की है।

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

उत्तराखंड के ऊँचे इलाकों में बर्फबारी और देहरादून सहित मैदानी क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश के कारण तापमान गिर रहा है। यह मौसम विभाग द्वारा जारी येलो अलर्ट के तहत अगले दो दिनों में जारी रहने की संभावना है। इस खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि यह पहली बार केदारनाथ और गंगोत्री धाम में बर्फबारी की सूचना देती है, जो पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए अनूठा अनुभव है। आम जनता पर इसका असर मुख्यतः परिवहन में बाधा, सड़क बंद होना, और कृषि व पशुपालन पर ठंड के कारण असर पड़ सकता है, जिससे रोज़मर्रा के जीवन में असु

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

बर्फ और बारिश के इस मौसम में, जब प्रकृति हमें अपनी शक्ति दिखाती है, हमें एकजुट होकर एक-दूसरे की सहायता करनी चाहिए। ऊँचे इलाकों में चलने वाले यात्रियों को सुरक्षित मार्गदर्शन, आपातकालीन सहायता और सामूहिक जिम्मेदारी का पालन करना चाहिए। यदि किसी को ठंडी से जकड़न हो या दुर्घटना हो, तो तुरंत मदद मांगें और आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें। इस समय में सहानुभूति और सहयोग से हम सभी को सुरक्षित रख सकते हैं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।