चारपाई के नीचे पानी,बच्चों को लेकर जाएं तो जाएं कहां:गोपालगंज के 6 प्रखंड में बाढ़, लोगों की मांग-सूखा राशन, पानी और सुरक्षित जगह मिले
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →घर के अंदर घुटने से ज्यादा पानी। सामान बचाने की जगह नहीं और बाहर निकलने का रास्ता भी पानी में डूब चुका है। ऐसे में एक परिवार अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ घर के अंदर चारपाई पर बैठकर दिन-रात काट रहा है। चारपाई के नीचे पानी का तेज बहाव है और ऊपर बच्चे सिमटे हुए हैं। परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल है- बच्चों को लेकर जाएं तो जाएं कहां?
यह तस्वीर गोपालगंज के दियारा इलाके की है। वाल्मीकिनगर बराज से 5 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद गंडक नदी उफान पर है। नदी का पानी दियारा के निचले इलाकों में तेजी से फैल रहा है। सदर प्रखंड के हीरापाकड़ और मेहंदिया समेत कई गांवों में घरों तक पानी पहुंच गया है। कहीं आंगन डूब गया है तो कहीं पानी घर के कमरों में घुस चुका है।
कई परिवार घर छोड़कर ऊंची जगहों की तलाश में हैं, लेकिन जिनके पास तत्काल सुरक्षित ठिकाना नहीं है, वे पानी के बीच ही रहने को मजबूर हैं। घर में घुसा पानी, चूल्हा डूबा; खाना बनाने तक का संकट जलस्तर अचानक बढ़ने से दियारा के लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ गई है। घरों में पानी घुसने के साथ ही रसोई का सामान भीग गया है।
कई जगह चूल्हा और लकड़ी पानी में डूब गए हैं। ऐसे में परिवारों के सामने खाना बनाने का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि जरूरी सामान और अनाज तक सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंचा सके। जिन घरों में राशन था, वहां भी पानी पहुंचने से उसे बचाना मुश्किल हो गया है।
अब लोग सूखा राशन और तैयार भोजन के लिए प्रशासन की मदद का इंतजार कर रहे हैं। हैंडपंप डूबे, पीने के पानी का संकट बाढ़ के पानी ने गांवों के अधिकांश चापाकलों को भी डुबो दिया है। घर के आसपास जमा पानी के बीच चापाकल तक पहुंचना मुश्किल है। इससे पीने के साफ पानी की समस्या पैदा हो गई है। ग्रामीणों की चिंता सिर्फ आज के भोजन की नहीं है।
उनका कहना है कि अगर पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में पीने के पानी और पशुओं के चारे की समस्या और गंभीर हो सकती है। चारपाई पर बच्चों के साथ परिवार, नीचे पानी ही पानी ग्राउंड जीरो पर स्थिति देखने पर बाढ़ की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। एक घर पूरी तरह पानी से घिरा हुआ है।
कमरे के अंदर भी पानी भरा है। परिवार ने पानी से ऊपर रहने के लिए चारपाई का सहारा लिया है। छोटे बच्चों को चारपाई पर अपने साथ बैठाकर रखा गया है। चारपाई के नीचे पानी का बहाव है। घर में चलने-फिरने की जगह नहीं बची है। बाहर निकलने पर भी पानी ही पानी है। ऐसे में परिवार के लोग घर छोड़कर जाने की स्थिति में भी नहीं हैं।
उन्हें डर है कि बच्चों और जरूरी सामान को लेकर पानी के बीच से निकलना जोखिम भरा हो सकता है। दियारा क्षेत्र में चारों तरफ पानी फैलने से कई परिवारों के लिए गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। जिन रास्तों से रोजमर्रा का आवागमन होता था, वे पानी में डूब चुके हैं। निचले इलाकों में रहने वाले परिवार लगातार बढ़ते जलस्तर को देखकर चिंतित हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ घर में पानी घुस गया है और दूसरी तरफ सुरक्षित जगह भी आसानी से उपलब्ध नहीं है। छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को लेकर परिवार असमंजस में हैं। लोगों को डर है कि अगर जलस्तर और बढ़ा तो घरों में रहना भी मुश्किल हो जाएगा। 5 प्रखंडों के 3-4 दर्जन गांवों में पहुंचा पानी सदर प्रखंड के अलावा मांझा, बरौली, बैकुंठपुर और सिधवलिया प्रखंड के दियारा इलाके भी गंडक के बढ़ते पानी से प्रभावित हैं।
इन प्रखंडों के करीब 3 से 4 दर्जन गांवों में पानी प्रवेश करने की जानकारी है। कई गांवों के आसपास जलभराव हो गया है, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित होने लगा है। निचले हिस्सों में रहने वाले परिवारों को लगातार पानी बढ़ने की चिंता सता रही है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आसपास के कई और गांवों में भी पानी पहुंच सकता है।
इससे लोगों के साथ-साथ मवेशियों के लिए चारे की समस्या भी बढ़ेगी। लोगों की मांग- सूखा राशन, पानी और सुरक्षित जगह मिले बाढ़ प्रभावित परिवारों की सबसे बड़ी जरूरत इस समय सुरक्षित स्थान, पीने का पानी और भोजन है। ग्रामीण प्रशासन से सूखा राशन, पीने का पानी और जरूरत पड़ने पर नाव के जरिए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की मांग कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि अभी सबसे जरूरी है कि जिन परिवारों के घरों में पानी घुस चुका है, उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए। खासकर छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को पानी के बीच घरों में रहने के लिए मजबूर न होना पड़े। प्रशासन की ओर से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
प्रभावित इलाकों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, दियारा के लोगों के लिए हर घंटे बढ़ता पानी अब चिंता बढ़ा रहा है।
📡 स्रोत: NewsData.io