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‘चाय थोड़ी ज्यादा बनाना, 10 मिनट में लौटता हूं’:बेटी बोली- हम इंतजार करते रहे, वे झाड़ियों में आग की लपटों में घिरे थे

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 20 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
‘चाय थोड़ी ज्यादा बनाना, 10 मिनट में लौटता हूं’:बेटी बोली- हम इंतजार करते रहे, वे झाड़ियों में आग की लपटों में घिरे थे

चाय थोड़ी ज्यादा बनाना, मैं भी पीऊंगा। गुटखे की पुड़िया लेकर 10 मिनट में आता हूं। पत्नी और बेटी से यह कहकर घर से निकले पोस्ट ऑफिस एजेंट युनूस खान (40) पुत्र अशरफ खान बुधवार सुबह आहोर बाइपास रोड किनारे झाड़ियों में जलती हालत में मिले। रास्ते से गुजर रहे लोगों ने उन्हें लपटों में घिरा और चिल्लाते हुए देखा तो आग बुझाकर हॉस्पिटल पहुंचाया। गंभीर हालत में जोधपुर रेफर किया गया। महात्मा गांधी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पिता के जाने के गम में बेटी लगातार रो रही हैं। उसके आंसू थम नहीं रहे हैं। बेटी का कहना है कि पापा हमारा बहुत ख्याल रखते थे। पढ़िए यह रिपोर्ट...

रात को परिवार के साथ खाना खाया, सुबह चाय के लिए कहा मृतक की बड़ी बेटी जारा खान (18) ने बताया- पापा परिवार का बहुत ख्याल रखते थे। घटना से एक रात पहले भी उन्होंने परिवार के साथ खाना खाया था। काफी देर तक हंसी-मजाक किया। पापा कुछ दिनों से परिवार के साथ अजमेर दरगाह जाने की बात भी कह रहे थे।

जारा के अनुसार, बुधवार सुबह पिता ने उठकर चाय पी और मोबाइल चार्जिंग पर लगाया। करीब 8 बजे छोटी बेटी अरीबा खान (12) को पास स्थित साइन स्कूल छोड़कर घर लौटे। इसके बाद उन्होंने पत्नी अफसाना बानू से चाय बनाने और अपने लिए थोड़ी ज्यादा चाय रखने को कहा। फिर गुटखे की पुड़िया लेने के लिए 10 मिनट में लौटने की बात कहकर घर से निकल गए।

मां-बेटी उनका इंतजार करती रहीं, लेकिन करीब डेढ़ घंटे बाद उनके बाइपास किनारे झाड़ियों में जलती हालत में मिलने की सूचना मिली। राहगीरों ने कपड़ा डालकर बुझाई आग बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे आहोर बाइपास से गुजर रहे वाहन सवारों ने सड़क किनारे झाड़ियों में युनूस को आग की लपटों से घिरा देखा।

लोगों ने कपड़ा डालकर आग बुझाई और एंबुलेंस को सूचना दी। उन्हें जालोर जिला हॉस्पिटल पहुंचाया गया। जहां से गंभीर हालत में जोधपुर रेफर किया गया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। युनूस के चचेरे भाई हजरत रियाज ने बताया- युनूस अपना मोबाइल घर पर ही छोड़ गए थे। परिजनों ने सवाल उठाया कि गुटखा लेने के लिए निकले युनूस बाइपास तक कैसे पहुंचे।

आशंका है कि किसी का कॉल आने के बाद वे वहां गए होंगे। उन्होंने कॉल डिटेल और घटना से जुड़ी अन्य परिस्थितियों की जांच की मांग की है। दावा- बयान में तीन लोगों की ओर इशारा किया महिला पुलिसकर्मी गंगा कंवर ने युनूस के बयान मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड किए थे। चचेरे भाई हजरत रियाज का दावा है कि किसने जलाया पूछने पर युनूस ने हाथ की तीन अंगुलियां दिखाकर इशारा किया था कि उसे तीन लोगों ने जलाया है।

नाम पूछने पर उन्होंने कहा कि वे उन्हें नहीं जानते। उन्होंने उन लोगों के बाइक पर होने की बात भी कही थी। बयान के दौरान मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने वहां बोतल पड़ी होने की बात कही। पुलिसकर्मी ने युनूस से किसी से दुश्मनी होने के बारे में भी पूछा, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इस दौरान युनूस बार-बार पानी मांग रहे थे।

हालांकि, इन दावों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग गुरुवार शाम करीब 5 बजे पोस्टमॉर्टम के बाद युनूस का शव जालोर स्थित निवास पर पहुंचा। यहां बड़ी संख्या में परिजन और मुस्लिम समाज के लोग एकत्र हुए। पुलिस को ज्ञापन देकर मामले की निष्पक्ष जांच, घटना में कथित रूप से शामिल लोगों की पहचान और गिरफ्तारी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

शुक्रवार को परिजनों ने कलेक्टर से मुलाकात कर मृतक के परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा देने और बड़ी बेटी को सरकारी नौकरी देने की मांग भी रखी। जालोर डीएसपी गौतम जैन ने बताया- मामले को लेकर जांच की जा रही है। युनूस घर से बाइपास पर कैसे पहुंचे, इसके लिए रास्ते में लगे सीसीटीवी खंगाले जा रहे है।

जांच के बाद ही पता चलेगा की घटना कैसे हुई हैं। ..............................

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📡 स्रोत: NewsData.io

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