छह लाख की लूट का पुलिस ने किया खुलासा:एजेंट ने साथी संग मिलकर रची थी झूठी कहानी, दो आरोपी गिरफ्तार, पूरी रकम बरामद
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →मथुरा में छह लाख रुपये हड़पने के लिए लूट की झूठी कहानी रचने के मामले का शुक्रवार को थाना राया पुलिस ने एसओजी, स्वॉट और सर्विलांस टीम के साथ मिलकर खुलासा किया है। पुलिस ने साजिश में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूट की बताई गई पूरी छह लाख रुपये की रकम बरामद की है। आरोपियों ने रकम हड़पने के लिए लूट की फर्जी सूचना देने की योजना बनाई थी।
पुलिस के अनुसार, बुधवार को एक व्यक्ति ने सूचना दी कि उसका एजेंट कुलदीप सिंह छह लाख रुपये लेकर मथुरा आ रहा था। इसी दौरान रास्ते में अज्ञात बदमाशों ने उससे छह लाख रुपये लूट लिए। सूचना के आधार पर थाना राया में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। घटनास्थल और परिस्थितियों की पड़ताल के दौरान पुलिस को पूरी घटना संदिग्ध प्रतीत हुई।
इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। जांच में सामने आया कि अलीगढ़ निवासी एजेंट कुलदीप सिंह ने अपने साथी अजीत के साथ मिलकर छह लाख रुपये हड़पने की साजिश रची थी। योजना के तहत कुलदीप ने बैंक से दो अलग-अलग स्थानों से तीन-तीन लाख रुपये निकाले। इसके बाद बैसमा के बाहर उसने पूरी रकम अपने साथी अजीत को सौंप दी।
दोनों ने रुपये ग्राम हरोथा में छिपा दिए। साजिश को लूट का रूप देने के लिए कुलदीप ने अपनी मोटरसाइकिल का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त कर दिया और रास्ते में खाली बैग फेंक दिया। इसके बाद उसने पहले वादी को और फिर डायल-112 पर फोन कर लूट की झूठी सूचना दी, ताकि पुलिस को घटना वास्तविक लगे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को 2 अक्टूबर की रात 12:42 बजे ग्राम हरोथा स्थित सरकारी स्कूल के पार्क के पास से गिरफ्तार कर लिया।
उनकी निशानदेही पर छह लाख रुपये बरामद किए गए। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से लूट की झूठी कहानी के पीछे छिपी साजिश का पर्दाफाश हो गया।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
मथुरा की इस घटना से यह सिखने को मिलता है कि झूठ और साजिश से कोई भी लाभ नहीं मिलता। जब भी किसी विवाद या आर्थिक दावे का सामना हो, तो शांतिपूर्ण और कानूनी मार्ग अपनाना सबसे सही है। समाज में विश्वास और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए हमें सत्यनिष्ठा और जिम्मेदारी का पालन करना चाहिए। पीड़ितों के प्रति संवेदना रखते हुए, हम सभी को मिलकर न्याय और सत्य की रक्षा करनी चाहिए।