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छपरा में 18 साल पुरानी मिट्टी की कोठी बनी मिसाल, बिना बिजली खर्च के 18 क्विंटल अनाज सुरक्षित

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 25 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
छपरा में 18 साल पुरानी मिट्टी की कोठी बनी मिसाल, बिना बिजली खर्च के 18 क्विंटल अनाज सुरक्षित

Mud Grain Storage: बिहार के छपरा के ग्रामीण इलाकों में आज भी किसानों के घरों में ऐसी कई चीजें देखने को मिल जाती हैं, जिनके बारे में नई पीढ़ी के युवा शायद ही जानते हों.

एक समय था, जब किसान अपने घर में अनाज को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए देसी तरीकों का इस्तेमाल करते थे. इनमें मिट्टी से बनी डेहरी या कोठी भी शामिल है. डेहरी को स्थानीय भाषा में कोठी भी कहा जाता है.

इसे मिट्टी और भूसे की मदद से तैयार किया जाता है. इसमें किसान खेतों से पैदा होने वाले अनाज को लंबे समय तक सुरक्षित रखते हैं. पुराने समय में ग्रामीण इलाकों में यह अनाज भंडारण का एक प्रमुख साधन हुआ करता था.

आज भले ही अनाज रखने के लिए कई तरह के आधुनिक विकल्प मौजूद हैं. इसके बावजूद कुछ किसान आज भी इस पारंपरिक तरीके को संभालकर रखे हुए हैं. यह तरीका कम खर्च वाला होने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल भी है.

📡 स्रोत: NewsData.io

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