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छतरपुर : केन-बेतवा परियोजना में विस्थापित परिवारों को गांव में ही मिल रहा योजनाओं का लाभ

लेखक: DD Bhopal अंतिम अपडेट: 21 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
छतरपुर : केन-बेतवा परियोजना में विस्थापित परिवारों को गांव में ही मिल रहा योजनाओं का लाभ

केन-बेतवा परियोजना में विस्थापित परिवारों को गांव में ही मिल रहा योजनाओं का लाभ करौंदिया, पलकौंहा, सुकवाहा, मैनारी, कदवारा एवं नैगुवां में आयोजित शिविरों में हुए कई हितग्राहियों को मिला मौके पर ही लाभ 161 प्रभावित व्यक्तियों को 17.63 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई

छह ग्रामों में लगे शिविरों में 2,000 से अधिक हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के साथ-साथ कई हितग्राहियों को मौके पर ही मिला लाभ 543 विस्थापितों लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण किए गए

छतरपुर : राष्ट्रीय महत्व की केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों को शासन की योजनाओं का लाभ सहजता से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की पहल पर मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत विस्थापित ग्रामों में विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। 12 अगस्त से शुरू हुए इन शिविरों में ग्रामीणों के आवेदन मौके पर ही प्राप्त कर संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।

पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ स्वास्थ्य परीक्षण एवं अन्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक करौंदिया (ढ़ौढन के प्रभावितों के लिए), पलकौंहा, सुकवाहा, मैनारी, कदवारा एवं नैगुंवा में शिविर आयोजित किए जा चुके हैं।

शिविरों में प्राप्त आवेदनों एवं प्रदान की गई सुविधाओं के आंकड़ों के अनुसार लाड़ली बहना योजना के 391, आयुष विभाग के 423, स्वास्थ्य विभाग के 543 तथा शिक्षा विभाग के 326 हितग्राहियों को लाभ/सेवा उपलब्ध कराई गई।

वहीं पीएम आवास योजना के 165, पेंशन के 76, पशु शेड के 37, मत्स्य विभाग के 24 तथा कृषि विभाग के 22 हितग्राहियों से संबंधित कार्यवाही की गई। इसी प्रकार बीपीएल के 114, मुर्गी पालन के 131, बकरी पालन के 25 तथा भैंस पालन के 11 हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई की गई।

लाड़ली लक्ष्मी योजना के 10, मातृ वंदना योजना के 3, एसबीएम शौचालय के 5, विद्युत विभाग के 1, आयुष्मान कार्ड के 1, आधार कार्ड के 13 तथा उद्यानिकी विभाग के 6 प्रकरणों में भी आवश्यक कार्यवाही की गई। नैगुवां में आयोजित शिविर में मौके पर ही कई समाधान गुरूवार को नैगुवां में आयोजित शिविर में बीपीएल के 17, लाड़ली बहना के 63, लाडली लक्ष्मी योजना में 1, मातृ वंदना योजना में 01, पीएम आवास योजना 76, आयुष विभाग के 34, पशु शेड 16 प्रकरणों के निराकरण कर आवश्यक कार्यवाही की गई।

साथ ही पेंशन के 10 आवेदक, मुर्गी पालन के 05 एवं बकरी पालन के 9 आवेदनों पर मौके पर स्वीकृत कर लाभ दिलाने की कार्यवाही की गई एवं 24 ग्रामीणों के स्वास्थ्य परीक्षण किए गए।

केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवारों को पुनर्वास पैकेज एवं अन्य देय लाभ दिलाने की दिशा में भी जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। 18 अगस्त को खरयानी के 11, सुकवाहा के 35, सहपुरा के 10 एवं कदवारा के 19 प्रभावित व्यक्तियों, कुल 75 व्यक्तियों के पुनर्वास पैकेज, निजी भूमि, परिसंपत्ति आदि से संबंधित प्रकरणों में 7 करोड़ 20 लाख 54 हजार 265 रुपए की राशि स्वीकृत की गई।

उल्लेखनीय है कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवारों के हित में विगत दो सप्ताह में कुल 161 पात्र व्यक्तियों को 17 करोड़ 63 लाख 48 हजार 313 रुपए की राशि स्वीकृत की जा चुकी है।

इससे प्रभावित परिवारों को पुनर्वास प्रक्रिया के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में तेजी आई है। गांव में पहुंचकर हो रहा समस्याओं का समाधान जिला प्रशासन का प्रयास है कि परियोजना से प्रभावित परिवारों को पुनर्वास के साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी समय पर मिले।

इसके लिए प्रशासनिक अमला गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुन रहा है और पात्रता के अनुसार संबंधित विभागों की योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई मौके पर ही कर रहा है। शिविरों में स्वास्थ्य परीक्षण, शिक्षा, पशुपालन, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, पेंशन सहित विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इससे प्रभावित परिवारों को शासकीय कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय अपने गांव में ही योजनाओं की जानकारी एवं लाभ मिल रहा है।

जिला प्रशासन द्वारा शिविरों एवं पुनर्वास संबंधी कार्यवाही के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित कोई भी पात्र परिवार शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं पुनर्वास लाभ से वंचित न रहे। 10 सितंबर तक चलेगा अभियान, इन ग्रामों में लगेंगे आगामी शिविर विस्थापित परिवारों की समस्याओं के निराकरण के लिए आगामी शिविर 24 अगस्त को ककरा, 25 अगस्त को सुरई और 27 अगस्त को रायचौर में आयोजित होंगे।

इसके बाद 1 सितंबर को डोंगरिया, 2 सितंबर को वसुधा, 3 सितंबर को घुघरी, 7 सितंबर को भोरखुवां, 8 सितंबर को पाठापुर, 9 सितंबर को खरयानी तथा 10 सितंबर को ग्राम कुपी में शिविर लगाए जाएंगे।

साथ ही प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन विस्थापित ग्रामों में यदि हितग्राही लाभ से छूट रहे हैं तो उनके लिए पुनः भी शिविर आयोजित किए जाएंगे।

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DD Bhopal

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