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छतरपुर में नवरात्रि पर गरबा महोत्सव की धूम: बुंदेली वेशभूषा में थिरकीं बेटियाँ, गुजराती रास और बुंदेली लोकगीतों का दिखा अनूठा संगम

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 16 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
छतरपुर में नवरात्रि पर गरबा महोत्सव की धूम: बुंदेली वेशभूषा में थिरकीं बेटियाँ, गुजराती रास और बुंदेली लोकगीतों का दिखा अनूठा संगम

छतरपुर के साथ बड़ामलहरा, नौगांव, लवकुशनगर, राजनगर और बिजावर में भी आयोजन

नई पीढ़ी को लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने की कोशिश

छतरपुर, अक्टूबर 16: नवरात्रि के पावन पर्व पर छतरपुर जिले में गरबा महोत्सव की धूम मची हुई है। महाराजा छत्रसाल की इस वीर भूमि पर गरबा भक्ति, आस्था और नारी शक्ति का संगम बन गया है।

छतरपुर के साथ-साथ बड़ामलहरा, नौगांव, लवकुशनगर, राजनगर और बिजावर में भी गरबा के आयोजन हो रहे हैं। पारंपरिक बुंदेली वेशभूषा और आभूषण पहने बेटियाँ और बहनें गरबा की ताल पर थिरक रही हैं। गुजरात के पारंपरिक रास के साथ बुंदेली लोकगीत और संगीत का अनूठा संगम आयोजन की शोभा बढ़ा रहा है।

माँ दुर्गा की आराधना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। इन आयोजनों के जरिए नई पीढ़ी को बुंदेली संस्कार, लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। महोत्सव के माध्यम से सांस्कृतिक एकता और नारी शक्ति का संदेश दिया जा रहा है।

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बाइट 1 : श्रीमति डॉ नंदिता पाठक, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा मप्र एवं समाज सेवी,छतरपुर

बाइट 2 श्री पवन मिश्रा अध्यक्ष हिंदू उत्सव समिति छतरपुर

💡 पृष्ठभूमि (Background)

छतरपुर और आस-पास के जिलों में नवरात्रि के पावन दिन गरबा महोत्सव के आयोजन से बुंदेली वेशभूषा, गुजराती रास और लोकगीतों का अनूठा संगम देखने को मिला। यह कार्यक्रम स्थानीय परंपराओं को जीवित रखने और नई पीढ़ी को सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने का प्रयास है। ऐसी सांस्कृतिक पहलें क्षेत्र की पहचान को मजबूत करती हैं और पर्यटन आकर्षण बढ़ाती हैं। इससे स्थानीय कलाकारों को मंच मिलता है, रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और समाज में एकता तथा सांस्कृतिक गर्व की भावना जागृत होती है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।