छतों पर लगी 2500 होर्डिंग पर नगर निगम का शिकंजा:7 दिन में फीस नहीं दी तो हटेंगे विज्ञापन, जाल भी होगा जब्त
कानपुर में छोटे-बड़े मकानों से लेकर बहुमंजिला इमारतों की छतों पर लगी करीब 2500 होर्डिंग अब नगर निगम के दायरे में आएंगी। नगर निगम के विज्ञापन विभाग ने होर्डिंग लगाने वालों को सात दिन के अंदर निर्धारित शुल्क जमा करने का नोटिस दिया है।
होल्डिंग की साइज के हिसाब से शुल्क जमा नहीं करने पर होर्डिंग को अवैध मानकर हटाया जाएगा। कार्रवाई के दौरान होर्डिंग लगाने के लिए लगाए गए जाल को भी जब्त किया जाएगा। नगर निगम के विज्ञापन विभाग के मुताबिक, शहर के प्रमुख मार्गों और विभिन्न इलाकों की इमारतों में बड़ी संख्या में छोटी-बड़ी होर्डिंग लगी हैं।
अब विज्ञापन एजेंसी या भवन स्वामी को होर्डिंग के साइज और इलाके के हिसाब से नगर निगम को शुल्क देना होगा। विभाग ने इसके लिए सालाना करीब 3200 रुपए स्क्वायर फीट की दर तय की है। उदाहरण के तौर पर 20x10 वर्ग फीट की होर्डिंग के लिए करीब 25 हजार रुपए सालाना शुल्क जमा करना होगा।
होर्डिंग का कराया जा रहा सर्वे अभी तक विज्ञापन विभाग छतों पर होल्डिंग लगाने के लिए ठेका नहीं देता है। अब विभाग ने इसके लिए शुल्क तय किया है। विभाग की ओर से होर्डिंग का सर्वे भी कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य शहर में लगी वैध और अवैध होर्डिंग की संख्या का पता लगाना है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि सात दिन की समयसीमा में शुल्क जमा नहीं करने वाली होर्डिंग अवैध मानकर हटाई जाएगी।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा लगी हैं होर्डिंग रामादेवी, लाल बंगला, बड़ा चौराहा, माल रोड, फूलबाग चौराहा, परेड, घंटाघर, जरीब चौकी, कोका कोला, गोल चौराहा, रावतपुर, कल्याणपुर, किदवईनगर, सचान चौराहा और गोविंदनगर समेत प्रमुख इलाकों में बड़ी संख्या में होर्डिंग लगी हैं। 100 से 200 लोगों ने जमा की फीस विज्ञापन विभाग के प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि सर्वे के दौरान करीब 100 से 200 लोगों ने होर्डिंग की फीस जमा भी कर दी है।
सात दिन बाद जिन लोगों ने शुल्क जमा नहीं किया, उनकी होर्डिंग हटाने के साथ उसे लगाने के लिए भवन पर लगाया गया जाल भी जब्त किया जाएगा।
📡 स्रोत: NewsData.io