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छत्तीसगढ़ में 2 दिन की बारिश के बाद आज राहत

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
छत्तीसगढ़ में 2 दिन की बारिश के बाद आज राहत

रायपुर, 27 सितंबर 2026

छत्तीसगढ़ में पिछले 2 दिनों में हुई बारिश के बाद आज राहत के आसार है। मौसम विभाग के मुताबिक आज 27 सितंबर से बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है। हालांकि, 17 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान अचानक 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की आशंका है।

इन जिलों में बस्तर, कांकेर, बालोद, राजनांदगांव, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर शामिल हैं।

हालांकि प्रदेश में पिछले तीन-चार दिनों के दौरान हुई लगातार और भारी बारिष के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। नदियों के तटवर्ती इलाकों और विभिन्न शहरों तथा नगरों की निचली बस्तियों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कल से बारिष का सिलसिला थोड़ा थमा है, इस कारण स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।

इस बीच, विभिन्न जिलों में प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान चलाकर बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है।

ओडिशा के खातीगुड़ा डैम से पानी छोडे़ जाने के कारण बस्तर जिले में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। इंद्रावती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इस बीच, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर मार्ग खुल गया है। लेकिन, राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-तीस पर सोनारपाल और काकड़ीघाट के पास पानी सड़क से ऊपर बहने के कारण रायपुर मार्ग अभी भी बंद है। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रषासन द्वारा युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है। बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रषासन ने इसके लिए शहरी और ग्रामीण इलाकों में तैंतालीस राहत षिविर बनाए हैं।

नारायणपुर जिले में माड़ीन नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्राम तारागांव में फंसे 55 वर्षीय गोपी राम पटेल को जिला प्रशासन, पुलिस और नगर सेना की संयुक्त टीम ने सुरक्षित बचा लिया। वहीं, ओरछा विकासखंड के कलमानार में नदी किनारे बसे नौ परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। जिला प्रशासन ने लोगों से उफनती नदियों और नालों से दूर रहने की अपील की है।

इधर, धमतरी जिले के कुरुद क्षेत्र में बाढ़ के पानी में फंसे दर्जनों लोगों को पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं, लोमश ऋषि आश्रम में जलभराव के कारण फंसे नौ लोगों को भी स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित निकाला गया।

दुर्ग जिले में भी जलभराव वाले इलाकों से दो सौ परिवारों को एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमों ने सुरक्षित निकाला है। प्रभावित लोगों को सोलह अस्थायी राहत शिविरों में ठहराया गया है।

गोबरा-नवापारा क्षेत्र में करीब दो हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

बारिश के बाद राहत की आशा के साथ, हमें याद रखना चाहिए कि प्रकृति की अनिश्चितता हमें एकजुट करती है। जब तूफान के बाद घरों में फफोल और बाढ़ की लहरें आती हैं, तो हमें सहारा देने के लिए एक दूसरे की मदद करनी चाहिए। आपसी सहयोग, सामुदायिक स्वच्छता और आपातकालीन योजनाएँ बनाकर हम न केवल अपने घरों को सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि समाज में सहनशीलता और एकजुटता की भावना भी बढ़ा सकते हैं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।