छत्तीसगढ़ में खाद की कालाबाजारी पर कृषि विभाग सख्त

अगस्त 31, नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ में किसानों को निर्धारित कीमत पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने और उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी तथा अनियमित बिक्री रोकने के लिए कृषि विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। खरीफ 2026 में अब तक प्रदेशभर में 516 प्रवर्तन कार्रवाई की गई हैं। इसकी तुलना में खरीफ 2025 में केवल 44 कार्रवाई हुई थीं।
यानी इस साल 472 अधिक मामलों में कार्रवाई की गई है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश और कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत प्रदेशभर में निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है।सरकार का कहना है कि किसानों को सही गुणवत्ता का उर्वरक निर्धारित दर पर उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है।कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ परदेशी के प्रशासनिक नेतृत्व में विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रदेशभर में उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों के नियमित और आकस्मिक निरीक्षण किए जा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा मुख्य रूप से उर्वरक का स्टॉक, भंडारण व्यवस्था, बिक्री रिकॉर्ड, निर्धारित बिक्री मूल्य, लाइसेंस और जरूरी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अनियमितता मिलने पर संबंधित विक्रेता या प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। फोटो- प्रतीकात्मक तस्वीर