विदेश

चीन पर भारत की चढ़ाई, बंपर एक्सपोर्ट कर दिखाया दम!

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 17 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
चीन पर भारत की चढ़ाई, बंपर एक्सपोर्ट कर दिखाया दम!

भारत और चीन के बीच आर्थिक रिश्तों के मोर्चे से एक बहुत महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला आधिकारिक आंकड़ा सामने आया है। ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त के महीने में भारत से चीन को होने वाले निर्यात यानी एक्सपोर्ट्स पर साल दर साल आधार पर 52.35% का जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा इसलिए भी विशेष ध्यान आकर्षित करता है क्योंकि इसी दौरान चीन से भारत आने वाले आयात यानी कि इंपोर्ट्स की वृद्धि दर केवल 17.07% रही है।

यानी भारत की एक्सपोर्ट ग्रोथ रेट चीन के इंपोर्ट की तुलना में तीन गुना से भी अधिक तेज हो गई है और आर्थिक एक्सपर्ट्स और व्यापारिक एक्सपर्ट्स इसे दोनों बड़ी एशियाई अर्थव्यवस्था के बीच एक लचीले और मजबूत आर्थिक जुड़ाव के रूप में देख रहे हैं। दरअसल बिजनेस स्टैंडर्ड और आधिकारिक सरकारी रिपोर्ट्स के अनुसार अगस्त में भारत का व्यापारिक निर्यात चीन के लिए बढ़कर 1.9 अरब डॉलर यानी 1.9 बिलियन के पार पहुंच गया है।

वहीं दूसरी ओर चीन से भारत का आयात 8.4 अरब डॉलर रहा है। लेकिन यह सकारात्मक गति केवल एक महीने तक सीमित नहीं है। अगर हम मौजूदा वित्त वर्ष के पहले 5 महीनों यानी अप्रैल से अगस्त की पूरी अवधि का जायजा लें तो आंकड़े कुछ और ही हैं। इसे भी पढ़ें: अब्दुल्ला-मायावती-सिब्बल...एक-एक कर मोदी के समर्थन में अचानक क्यों उतरने लगे विरोधी,'चक्रव्यूह' में फंसे राहुल?

भारत का कुल निर्यात चीन को होने वाला निर्यात 38.71% बढ़कर 9.64 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। इस दौरान चीन से आयात 27.01% की दर से बढ़कर 65.5 अरब डॉलर रहा है। अब यहां गौर करने वाली बात यह है कि कुल आयात का मूल्य अभी भी बड़ा है। लेकिन भारत की तरफ से भेजी जाने वाली वस्तुओं की विकास दर आयात की रफ्तार को लगातार पीछे छोड़ रही है।

और सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त महीने में भारत के कुल निर्यात मूल्य में सबसे ज्यादा इजाफा दर्ज कराने वाले शीर्ष पांच गंतव्य देशों में चीन प्रमुख रूप से शामिल रहा है। चलिए अब जान लेते हैं वैश्विक परिदृश्य और शीर्ष भागीदार। तो नंबर एक पर है संयुक्त राज्य अमेरिका यानी कि यूएस। दूसरे नंबर पर है चाइना, तीसरे नंबर पर सिंगापुर, चौथे नंबर पर है स्पेन और पांचवें नंबर पर है तंजानिया।

जी हां, यह सूची यह लिस्ट बताती है कि वैश्विक बाजार में मांग के उतार-चढ़ाव के बीच भी भारतीय उत्पादों की स्वीकृति चीन और पश्चिमी बाजारों में तेजी से बढ़ रही है। यह सकारात्मक ट्रेंड केवल भारतीय आंकड़ों तक सीमित नहीं है बल्कि चीन के आधिकारिक आंकड़ों में भी इसकी पुष्टि होती है। इसे भी पढ़ें: भारत-रूस की दोस्ती तोड़ने के लिए Trump ने उठाया खतरनाक कदम, तुरंत मोदी सरकार ने कर दिया तगड़ा इलाज!

चीन के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ़ कस्टम्स द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष के पहले 8 महीनों में दोनों देशों के बीच कुल द्विपक्षी व्यापार में 22.6% की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही दोनों देशों के वाणिज्य और व्यापार अधिकारियों के बीच द्विपक्षी व्यापार को और अधिक व्यवहारिक और संतुलित बनाने पर नियमित चर्चाएं भी हुई हैं।

चीन ने भी व्यापारिक चिंताओं को संतुलित तरीके से सुलझाने और पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग को विस्तार देने की आवश्यकता पर बल दिया है। खैर कुल मिलाकर दोस्तों भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद भारत और चीन की अर्थव्यवस्था एक दूसरे की आपूर्ति श्रंखलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बन चुकी हैं।

भारत के निर्यात में 52% से अधिक का यह उछाल भारतीय विनिर्माण और आपूर्ति क्षमता की मजबूती को दिखाता है।

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)
J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।