4 चुनावी राज्यों में 1 दिसंबर से जनगणना:यूपी, उत्तराखंड, गोवा और पंजाब में 30 नवंबर तक खुद अपनी जानकारी दर्ज करा सकेंगे लोग
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जनगणना 2027 के तहत गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के बर्फीले इलाकों को छोड़कर बाकी हिस्सों में आबादी की गिनती 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक होगी। रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। इन राज्यों में नागरिक 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक खुद अपनी जानकारी दर्ज करा सकेंगे।
इसे सेल्फ-एन्यूमरेशन कहा गया है। जनगणना की प्रक्रिया के बाद 5 से 9 जनवरी 2027 तक सुधार का दौर चलेगा। इन राज्यों में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। जनगणना पहले 2021 में होने वाली थी। इसे कोरोना महामारी के कारण टाल दिया गया था। बाकी देश में जनगणना की तारीख सरकार की ओर से 25 जून को जारी बयान में कहा गया था कि लद्दाख, जम्मू-कश्मीर के बर्फीले और गैर-समान समय वाले इलाकों तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फीले इलाकों को छोड़कर बाकी देश के लिए जनगणना की संदर्भ तारीख 1 मार्च 2027 होगी।
गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की विधानसभाओं का कार्यकाल मई 2027 तक खत्म हो जाएगा। देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी जनगणना 2027 देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। डेटा डिजिटल माध्यम से दर्ज किया जाएगा और लोगों को खुद अपनी जानकारी देने यानी सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प भी मिलेगा।
केंद्र के मुताबिक, लोगों की दी गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। सेंसस एक्ट की धारा 15 के तहत इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, RTI के तहत नहीं दिया जा सकता और किसी कोर्ट में सबूत के तौर पर भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। जनगणना के लिए ₹11,718 करोड़ का बजट मंजूर केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के लिए 11,718.24 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दी है।
जनगणना पूरे देश में केंद्र के समन्वय से होगी। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें इसके क्रियान्वयन में मदद करेंगी। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला-SIR से नाम कटने पर नागरिकता नहीं जाती:बंगाल सरकार-EC को नोटिस; योजनाओं का लाभ न रोकने वाली याचिका पर मांगा जवाब सुप्रीम कोर्ट ने वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की।
कोर्ट ने कहा कि वोटर लिस्ट से नाम हटने का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति की नागरिकता खत्म हो गई। याचिका में मांग की गई है कि पश्चिम बंगाल में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के दौरान वोट
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
जनगणना 2027 के तहत, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और पंजाब में 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक आबादी की गिनती शुरू होगी, बर्फीले इलाकों को छोड़कर। नागरिक 16 से 30 नवंबर 2026 तक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिसे सेल्फ‑एन्यूमरेशन कहा गया है। यह कदम जनगणना की सटीकता बढ़ाने और समय पर डेटा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि जनगणना से सरकार को संसाधन आवंटन, योजनाओं और चुनावी सीमांकन के लिए आधार मिलता है। आम जनता पर इसका असर यह होगा कि उन्हें अपने डेटा को सही ढ