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चुराह के 12 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में नहीं विज्ञान संकाय, बच्चों को पढ़ाई के लिए चंबा-तीसा जाना पड़ रहा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
चुराह के 12 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में नहीं विज्ञान संकाय, बच्चों को पढ़ाई के लिए चंबा-तीसा जाना पड़ रहा

चुराह विधानसभा क्षेत्र के शिक्षा खंड कल्हेल में शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिक्षा खंड के अंतर्गत आने वाले 12 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में किसी भी स्कूल में विज्ञान संकाय की पढ़ाई नहीं हो रही है। ऐसे में दसवीं के बाद विज्ञान विषय की पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों को चंबा या तीसा का रुख करना पड़ रहा है। ग्रामीण और गरीब परिवारों के बच्चों के लिए यह बड़ी चुनौती बन गई है। छात्राओं और स्कूल प्रबंधन ने सरकार से इन स्कूलों में जल्द विज्ञान संकाय शुरू करने की मांग की है।

चुराह के शिक्षा खंड कल्हेल में 12 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हैं, लेकिन किसी भी स्कूल में विज्ञान संकाय उपलब्ध नहीं है। दसवीं के बाद डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों को विज्ञान की पढ़ाई के लिए चंबा या तीसा जाना पड़ता है। दूरदराज और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बच्चों को बाहर भेजना आसान नहीं है। ऐसे में कई विद्यार्थियों के सपनों पर असर पड़ रहा है।

स्कूली छात्राओं का कहना है कि विज्ञान संकाय न होने के कारण उन्हें दसवीं के बाद आगे की पढ़ाई के लिए घर से दूर जाना पड़ता है। छात्राओं ने सरकार से मांग की है कि कल्हेल सहित शिक्षा खंड के स्कूलों में जल्द विज्ञान की कक्षाएं शुरू की जाएं, ताकि उन्हें अपने ही क्षेत्र में बेहतर शिक्षा मिल सके।

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कल्हेल के प्रधानाचार्य एवं खंड परियोजना अधिकारी रमेश चंद ने भी स्कूलों में विज्ञान संकाय शुरू करने की जरूरत बताई है। उनका कहना है कि कल्हेल के आसपास करीब 12 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हैं, लेकिन किसी भी स्कूल में विज्ञान की कक्षाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। उन्होंने सरकार से जल्द विज्ञान संकाय शुरू करने की मांग की, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के डॉक्टर और इंजीनियर बनने के सपने साकार हो सकें।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।