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चूरू में बाल विवाह रोकथाम के लिए 100 दिवसीय अभियान

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
चूरू में बाल विवाह रोकथाम के लिए 100 दिवसीय अभियान

चूरू में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को खत्म करने और बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए महिला अधिकारिता विभाग ने 100 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान की रूपरेखा जारी की है।

06 ननम्बर,चूरू। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को खत्म करने और बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए चूरू में विशेष अभियान चलाया जाएगा। महिला अधिकारिता विभाग की ओर से 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' और 'बाल विवाह रोकथाम' को लेकर 100 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम की रूपरेखा जारी की गई है। अभियान के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विभिन्न गतिविधियों के जरिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही बाल विवाह रोकने में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जाएगा।

चूरू में बाल विवाह रोकथाम और बालिकाओं की शिक्षा को लेकर महिला अधिकारिता विभाग सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में विभाग की ओर से कार्यशाला और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर 100 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान की रूपरेखा साझा की गई। अभियान का उद्देश्य समाज में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करना है।

महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक राजेंद्र शेखावत ने बताया कि अभियान के तहत जिले के करीब 50 ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बनाई जाएगी। यहां ग्रामीणों, युवाओं और बच्चों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों और बाल अधिकारों की जानकारी दी जाएगी। विभाग का प्रयास है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बालिकाओं की शिक्षा सुनिश्चित हो और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से खत्म किया जा सके।

अभियान के दौरान जागरूकता गतिविधियों के साथ लोगों को सामाजिक जिम्मेदारी का अहसास भी कराया जा रहा है। कार्यशाला में मौजूद लोगों को बाल विवाह नहीं करने और कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिलने पर उसे रोकने में अपनी भागीदारी निभाने की सामूहिक शपथ दिलाई गई। विभाग का मानना है कि समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी से ही इस कुरीति पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

बेटियों को शिक्षा के बेहतर अवसर देना और उन्हें बाल विवाह जैसी कुरीति से बचाना इस अभियान का मुख्य संदेश है। 100 दिनों तक चलने वाली जागरूकता गतिविधियों के जरिए विभाग की कोशिश है कि बाल विवाह के खिलाफ समाज में सकारात्मक सोच विकसित हो और हर बेटी को आगे बढ़ने का अवसर मिले।

बाइट – राजेंद्र शेखावत, सहायक निदेशक, महिला अधिकारिता विभाग, चूरू

बाइट – कृष्णा चौधरी, सुपरवाइजर, महिला अधिकारिता विभाग, चूरू

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।