अपराध

CJP प्रदर्शन मामले में दिल्ली पुलिस की सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
CJP प्रदर्शन मामले में दिल्ली पुलिस की सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी

अक्टूबर 15, नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जवाबी हलफनामे में पुलिस आयुक्त की ओर से अदालत से बिना शर्त माफी मांगी है। इसमें कहा गया कि न्यायिक निर्देशों का उल्लंघन जानबूझकर नहीं किया गया। मेट्रो स्टेशनों को बंद करने पर सफाई देते हुए पुलिस ने बताया कि सुरक्षा आकलन और खुफिया जानकारी के आधार पर 45 स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद किया गया, यह एहतियाती कदम था।

हलफनामे में "कॉकरोच जनता पार्टी" के विरोध की पृष्ठभूमि बताई गई। हलफनामे में कहा गया कि CJP को 20 जून 2026 को जंतर-मंतर पर एक दिन के शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मिली थी, जिसके लिए शर्तें थीं कि भीड़ 1,000 से अधिक न हो और कोई जुलूस न निकले, लेकिन आयोजकों ने शर्तों का उल्लंघन कर 36 दिन प्रदर्शन जारी रखा और 20 जुलाई को अनधिकृत "चलो संसद" मार्च का आह्वान किया।इस मार्च में 30,000 से अधिक लोग शामिल हुए, जिन्होंने बैरिकेड्स तोड़े और निषेधाज्ञा वाले इलाकों में घुस गए।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।