राजनीति

CJP प्रोटेस्ट में शामिल नहीं होंगे वांगचुक, 'मुझसे पहली सी मोहब्बत मेरे महबूब न मांग'

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 10 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
CJP प्रोटेस्ट में शामिल नहीं होंगे वांगचुक, 'मुझसे पहली सी मोहब्बत मेरे महबूब न मांग'

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को होने वाले सीजेपी के प्रोटेस्ट में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक शामिल नहीं होंगे.

उन्होंने एक्स पर वीडियो पोस्ट कहा कि वह दिल्ली में होने वाले प्रोटेस्ट में शामिल नहीं हो पाएंगे.

उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से हमारे काम में रुकावट डालने और उसे नुकसान पहुंचाने की तमाम कोशिशों के बावजूद, हम देश की सुरक्षा के लिए काम करते रहेंगे.

वांगचुक ने कहा कि इस समय वह आने वाली सर्दियों को लेकर तैयारियों में जुटे हैं. उन्होंने शायराना अंदाज में लोगों तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की है.

वांगुचुक ने वीडियो के जरिए कहा, 'हमने बहुत लोगों ने पूछा कि आप कहां हैं. दिल्ली में संघर्ष में क्यों नहीं हैं. मैं सबकी दाद देता हूं जो जुटे हुए हैं.

समस्याएं सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि प्राकृतिक भी हैं.' इस दौरान उन्होंने फैज अहमद फैज की लाइन को याद करते हुए कहा, 'और भी गम हैं इस जमाने में मोहब्बत के सिवा या मैं कहूं और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा, राहतें और भी हैं वस्ल की राहतें के सिवा.'

सोनम वांगचुक ने कहा, 'प्राकृतिक आपदाओं से जुझने की राहत की भी जरूरत है. मुझसे पहली सी मोहब्बत मेरे महबूब न मांग.

पहले की तरह इस बार शायद मैं न आ पाऊं क्योंकि पहले जब चुल्हे में आग जलानी थी तो माचिस की तिली की जरूरत पड़ती है और जब चुल्हा जलने लगता है तो खाना पकने लगता है.

मुझे उम्मीद है कि आप सब राजनीति समस्याओं से भिड़ेंगे और यहां हम प्राकृतिक आपदाओं से.'

WHY I WON'T BE ABLE TO JOIN YOU ALL IN DELHI...!

Despite all efforts of the government to hinder damage our work we continue to work for national security... making preparations as another winter comes.

This includes making artificial glaciers for water security experiments for GLOF or glacial lake flood security... to difuse the 200+ ticking water bombs in high Himalayas. Adapting Faiz Sahab's words I would say...

Aur Bhi Gham Hain Zamaane Main Siyaast Ke Siva... Rahaten aur bhi hain wasl ki raahat ke siva.

Hence I send my bestest wishes to

📡 स्रोत: ABP Live

📰 पूरी खबर पढ़ें (ABP Live पर जाएं)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

सोनम वांगचुक, एक प्रमुख जलवायु कार्यकर्ता, ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले सीजेपी प्रोटेस्ट में भाग न लेने का निर्णय लिया। यह कदम उनके और अन्य पर्यावरण कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती असहमति को दर्शाता है, जो सरकार के जलवायु नीतियों पर आक्रोश व्यक्त करते हैं। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि प्रमुख पर्यावरण आवाज़ें अब राजनीतिक विरोध से दूरी बना रही हैं, जिससे प्रोटेस्ट की ताकत पर असर पड़ सकता है। आम जनता पर इसका प्रभाव यह हो सकता है कि जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता और

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