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CJP प्रोटेस्ट: सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कीं सभी FIR

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 1 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति

सितंबर 01, नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने CJP प्रोटेस्ट के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में दर्ज सभी एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया है।

शीर्ष अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिले विशेष अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और असम समेत देश के किसी भी हिस्से में दर्ज मामलों को समाप्त करने का निर्देश दिया।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले से जुड़े विषयों पर अब देश के किसी भी हिस्से में कोई नई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। हालांकि, दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई हिंसा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।

अदालत ने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 2,873 लोगों के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज करने की अनुमति दी है, ताकि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा सके। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने नीट पेपर लीक मामले का भी संज्ञान लिया।

अदालत ने पेपर लीक के चलते आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया कि प्रभावित सभी परिवारों को आगामी तीन महीने के भीतर अनिवार्य रूप से मुआवजा राशि दी जाए। (फाइल फोटो: उच्चतम न्यायालय)

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।