CM बोले- हिमंता बिस्वा डर गया, रांका का पलटवार, 'पुलिस के दम पर उछलने वाले...'
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) असम के स्कूल को लेकर मोर्चा खोला हुआ है.
इसी कड़ी में सीजेपी के 30 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को असम पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिसमें आशुतोष रांका भी शामिल थे. हालांकि देर रात पुलिस ने सभी को छोड़ दिया था.
इसके बाद सीजेपी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बीच सोशल मीडिया पर जुबानी जंग देखने को मिल रही है.
पहले असम के सीएम एक्स पर एक सरकारी स्कूल का वीडियो शेयर किया, जिसकी आशुतोष रांका ने तारीफ की.
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के वीडियो को रिशेयर करते हुए आशुतोष रांका ने लिखा, 'यह एक अच्छा स्कूल है, 'मामा. ऐसे और भी स्कूल बनवाइए. साथ ही, कृपया दिसपुर और रामपुर के स्कूलों को भी ठीक करवाइए.
मैंने जिन दोनों स्कूलों का दौरा किया, उनकी हालत बहुत खराब थी. असम के हर बच्चे को अच्छी क्वालिटी की शिक्षा मिलनी चाहिए.
मुझे उम्मीद है कि आप इससे सहमत होंगे.' इसके बाद एक अन्य पोस्ट में असम के सीएम ने अपनी तस्वीर शेयर करते हुए तंज कसा, 'हिमंता बिस्वा डर गया.' इसको रिशेयर करते हुए आशुतोष रांका ने लिखा, 'पुलिस के दम पर उछलने वाले लोग अक्सर डरपोक ही होते हैं.'
अभिजीत दीपके का असम सीएम पर तंज
सीजेपी के अभिजीत दीपके ने भी हिमंत बिस्वा सरमा के इस पोस्ट को रिपोस्ट कर तंज कसा.
उन्होंने 2014 के द टेलीग्राफ की एक खबर का स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसमें सीबीआई की ओर से हिमंता बिस्वा सरमा से सारदा चिटफंड घोटाले मामले में कई घंटों तक पूछताछ की बात कई गई है.
दीपके ने तंज किया, 'तभी तो बीजेपी में चले गए.'
असम पुलिस ने जब सीजेपी नेताओं को हिरासत में लिया तो आशुतोष रांका ने आरोप लगाया था, 'पुलिस 27 सितंबर की सुबह से ही गुंडों की तरह व्यवहार कर रही थी.
यह एक निजी जगह पर हो रही शांतिपूर्ण बैठक थी, लेकिन पुलिस हमारी टीम के सदस्यों को हिरासत में लेती रही और अब हम सभी को हिरासत में ले लिया गया है.
हिरासत में लिए जाने से पहले आशुतोष रांका ने असम सरकार पर आरोप लगाया कि वह पार्टी को राज्य से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने से रोकने की कोशिश कर रही है.
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी सरकारी
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
इस खबर का विषय असम के एक सरकारी स्कूल पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं द्वारा मोर्चा खोलना और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ सोशल मीडिया पर हुए विवाद से संबंधित है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें पुलिस द्वारा 30 से अधिक CJP कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के बाद उन्हें रिहा करने की घटना और उसके बाद की सार्वजनिक जंग का उल्लेख है, जो राज्य के शैक्षणिक और राजनीतिक माहौल पर प्रभाव डाल सकता है। आम जनता पर इसका असर शिक्षा संस्थानों के प्रति विश्वास और राजनीतिक दलों के बीच त