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CM ने जिसे जॉइनिंग लेटर दिया,उसे दिल्ली में ‘कॉलगर्ल’ बनाया:पीड़ित बोली-कमरे में बंद किया, वीडियो कॉल पर लड़कों को दिखाया; सम्राट के जॉब फेयर की हकीकत

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 15 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
CM ने जिसे जॉइनिंग लेटर दिया,उसे दिल्ली में ‘कॉलगर्ल’ बनाया:पीड़ित बोली-कमरे में बंद किया, वीडियो कॉल पर लड़कों को दिखाया; सम्राट के जॉब फेयर की हकीकत

“मैं 48 हजार रुपए वेतन पर हेकम कंपनी में ICU नर्स के पद पर काम करने दिल्ली गई थी। जाते ही एक हॉस्टल में कैद कर दिया गया। लड़के-लड़कियों को साथ ही रखते थे। यहां लड़कियों को वीडियो कॉल कर लड़कों के सामने पेश किया जाता था। उनसे बात कराई जाती थी। लड़के जिसे पसंद करते, उसे 24 घंटे के लिए उसके पास भेज देते थे।

कई बार मुझसे भी बात कराई गई। मुझे लड़कों के सामने परोसने की कोशिश की गई। मना करने पर कैद कर दिया। शौचालय साफ कराया और भूखा रखा। वे लोग मुझे विदेश भेजने की तैयारी में थे। मैं किसी तरह भागकर आई हूं।” ये बातें पटना की पूजा कुमारी ने कही। वह 19 से 23 अगस्त 2026 तक पटना के ज्ञान भवन में आयोजित रोजगार मेले में नौकरी पाने वाले 20 हजार युवाओं में से एक है।

उसे CM सम्राट चौधरी ने 23 अगस्त को नियुक्ति पत्र दिया था। आगे की पूरी कहानी पढ़िए पूजा की ही जुबानी… मैंने GNM (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफ्री) की पढ़ाई की है। पटना में 15 हजार रुपए महीने पर नौकरी कर रही थी। इस पैसे से मेरा घर चलता था। दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। पति बेरोजगार हैं। बड़ी उम्मीद लेकर ज्ञान भवन में 23 अगस्त को आयोजित रोजगार मेला में गई थी।

मुझे हेकम कंपनी ने हायर किया। 48 हजार रुपए महीने वेतन वाली जॉब ऑफर की। इतना बड़ा पैकेज पाकर मैं बहुत खुश थी। मैंने पहले की नौकरी से रिजाइन दे दिया। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद कंपनी के अधिकारियों से मेरी लगातार बात हो रही थी। मुझे 2 सितंबर को दिल्ली बुलाया गया। सम्राट चौधरी के भरोसे नौकरी करने दिल्ली चली गई।

दिल्ली पहुंचने के बाद मुझे हेकम के जगह शिवम नाम की कंपनी में ले जाया गया। मुझे गर्ल्स हॉस्टल के नाम पर लड़कों के बीच रखा गया। वे लोग खाना भी समय पर नहीं दे रहे थे। यहां वीडियो कॉलिंग करके लड़कियों को दिखाया जाता था। लड़के जिस लड़की को पसंद करते उसे 24 घंटे के लिए भेज दिया जाता था। लड़कियों को लोकेशन मिलता था।

वे रैपिडो बुक करके वहां जाती थी। दूसरे आदमी के पास भेजने के लिए करा रहे थे डील पीड़िता ने बताया- मैं उनलोगों से लगातार यह कहती रही कि किसी हॉस्पिटल में काम दे दीजिए। जिस काम के लिए मुझे जॉब मिली थी, सैलरी तय हुई थी, सम्राट चौधरी ने नियुक्ति पत्र दिया था, मुझे वह नौकरी दीजिए। मुझे किसी आदमी के पास नहीं जाना है।

मुझे नर्स की नौकरी करनी है, लेकिन किसी ने मेरी बात नहीं सुनी। व

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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