राजनीति

कांग्रेस लोकतंत्र को कमजोर करने और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने में जुटी: अनुराग ठाकुर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 4 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
कांग्रेस लोकतंत्र को कमजोर करने और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने में जुटी: अनुराग ठाकुर

बोले: राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व खुद कन्फ्यूज, जनता बार-बार नकार रही

नवंबर 04, कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश): पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती देने पर पलटवार किया है। आज कांगड़ा एयरपोर्ट पहुंचे अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि जिस कांग्रेस पार्टी को सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने का अवसर मिला, आज वही लोकतंत्र को कमजोर करने में जुटी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकसभा में चर्चा नहीं होने देती और सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के बाद सड़कों पर बहस की बात करती है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि लगातार चुनावी हार के कारण कांग्रेस विचलित है और जनता बार-बार पार्टी को नकार रही है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर तंज कसते हुए कहा कि चीन के दार्शनिक कन्फ्यूशियस थे, जबकि कांग्रेस के नेता 'कन्फ्यूज अस' हैं।

उन्होंने ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया पर कांग्रेस के सवालों को लेकर भी निशाना साधा। ठाकुर ने कहा कि यदि कांग्रेस को चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है तो उसे उन राज्यों में जीत के बाद भी सवाल उठाने चाहिए, जहां इसी प्रक्रिया से उसे सफलता मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी झूठ और भ्रम फैलाकर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

कांग्रेस का उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था को बदनाम करना है। वहीं, पंजाब के संगरूर में आयोजित इंसाफ रैली और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पूछे गए सवाल पर अनुराग ठाकुर ने 1984 के सिक्ख दंगों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पंजाब और देश के सिख समुदाय से माफी मांगनी चाहिए।

1984 में सिखों के साथ हुई हिंसा के जख्म आज भी गहरे हैं। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बयान का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा और राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या वह उस दौर में सिखों के साथ हुए अत्याचारों को सही मानते हैं। ठाकुर ने कहा कि यदि कांग्रेस अपनी गलतियों को स्वीकार करती है तो राहुल गांधी को पंजाब जाकर सिख समुदाय से माफी मांगनी चाहिए।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।