राजनीति

कांग्रेस सरकार की उल्टी गिनती शुरू, चार वर्षों में जनता को दिए महंगाई के एक के बाद एक झटके: डॉ. बिंदल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 31 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
कांग्रेस सरकार की उल्टी गिनती शुरू, चार वर्षों में जनता को दिए महंगाई के एक के बाद एक झटके: डॉ. बिंदल

अक्तूबर 31, सिरमौर (हिमाचल प्रदेश): भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने जिला भाजपा कार्यालय नाहन में आयोजित प्रबुद्धजन संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार अपने चौथे वर्ष में है और विधानसभा चुनाव का वर्ष नजदीक आ चुका है।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। प्रदेश की जनता सरकार की जनविरोधी नीतियों, बढ़ती महंगाई और विकास कार्यों की कथित बदहाली से त्रस्त है। डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने पिछले चार वर्षों में प्रदेश की सामान्य जनता की जेब पर लगातार आर्थिक बोझ डाला है।

उन्होंने कहा कि डीजल और पेट्रोल पर ₹7 प्रति लीटर अतिरिक्त वैट लगाने के बाद अब ₹3 प्रति लीटर सेस का बोझ डालकर जनता को एक और झटका दिया गया है। सरकार महंगाई कम करने के बजाय नए कर लगाकर लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सीमेंट की प्रत्येक बोरी पर ₹80 का अतिरिक्त कर लगाया है।

बिजली की दरों में भारी वृद्धि करके प्रदेश के लगभग 16 लाख उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ डाला गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एचआरटीसी के किरायों में भी कई श्रेणियों में चार गुना तक वृद्धि की गई है, जिसका सबसे अधिक प्रभाव गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने चार वर्षों में जनता को राहत देने के बजाय महंगाई के एक के बाद एक झटके दिए हैं।

डॉ. बिंदल ने कहा कि राशन डिपो में मिलने वाली दालों, खाद्य तेल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ गई हैं। कई आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता भी प्रभावित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एफिडेविट और एग्रीमेंट से जुड़े स्टाम्प शुल्क में वृद्धि करके आम नागरिकों पर ₹500 और ₹1,000 तक का अतिरिक्त बोझ डाला गया है।

उन्होंने कहा कि स्कूलों की फीस बढ़ने से गरीब परिवारों के लिए बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाना कठिन होता जा रहा है। डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने लगभग ₹45,000 करोड़ का नया कर्ज लिया और विभिन्न करों तथा महंगाई के माध्यम से जनता पर ₹45,000 करोड़ का अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला।

उन्होंने सवाल किया कि जब सरकार ने इतना कर्ज लिया और जनता से इतनी वसूली की, तो आखिर यह पैसा गया कहां?" उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य ठप पड़े हैं। सड़कें टूटी हुई हैं, स्कूलों में शिक्षकों और कमरों की कमी है तथा अस्पतालों में डॉक्टरों, दवाइयों, जांच और उपचार की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्याएं बनी हुई हैं और पशु चिकित्सालयों में भी चिकित्सकों तथा दवाइयों की कमी है। डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और राजनीतिक संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि केवल प्रदेश स्तर पर ही नहीं, बल्कि विधानसभा क्षेत्रों में भी मित्रों को लाभ पहुंचाने की राजनीति चल रही है, जबकि सामान्य जनता परेशान है।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनकल्याण और विकास के बजाय अपने राजनीतिक सहयोगियों को लाभ पहुंचाना बन गई है। डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश की जनता पर कथित चूल्हा टैक्स और बढ़े हुए एंट्री टैक्स का बोझ डाला जा रहा है। किसानों और बागवानों को मिलने वाली सब्सिडी में कटौती तथा कृषि संबंधी सुविधाओं की कमी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल की अर्थव्यवस्था में कृषि और बागवानी का महत्वपूर्ण योगदान है, लेकिन कांग्रेस सरकार किसानों और बागवानों की समस्याओं के समाधान में विफल रही है। डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि पात्र बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन समय पर नहीं मिल रही है। हिमकेयर, आयुष्मान भारत और सहारा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ प्राप्त करने में भी लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि एक ओर गरीब जनता इलाज और आर्थिक सहायता के लिए परेशान है, वहीं दूसरी ओर सरकार अपने राजनीतिक कार्यक्रमों और प्रचार में व्यस्त है।डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार के चार वर्षों के कार्यकाल का पूरा हिसाब मांग रही है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में जनता कांग्रेस सरकार की नीतियों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ, विकास कार्यों की स्थिति और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मुद्दों को पूरी मजबूती के साथ उठाती रहेगी।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।