COVID-19 Outbreak: 6 साल लौट आया कोरोना का खतरा, बढ़े 40 प्रतिशत मरीज; डराने लगा मौतों का आंकड़ा
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COVID-19 Outbreak: करीब 6 साल बाद कोरोना वायरस (Covid-19) ने एक बार फिर तेजी से अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं. अमेरिका के साथ-साथ ब्रिटेन के भी कई शहरों में हालात धीरे-धीरे खराब होने लगे हैं.
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस सर्दी में कोविड और फ्लू के मामलों में उम्मीद से जल्दी होने वाली यह बढ़ोतरी NHS के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती है, खासकर तब जब यह संस्था पहले ही गर्मियों के दौरान सबसे ज्यादा व्यस्त रही है.
ताजा आंकड़ों के अनुसार, ब्रिटेन में कोविड-19 के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों की संख्या में महज 4 हफ्तों में 40 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल आया है.
NHS (नेशनल हेल्थ सर्विस) में दो हफ्ते पहले की तुलना में अब इस संक्रमण से पीड़ित लगभग 400 और मरीजों का इलाज किया जा रहा है.
इस महीने यानी अक्टूबर में अब तक कोविड के 3,942 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिससे संकेत मिलता है कि इस महीने कुल मामलों की संख्या सितंबर के मुकाबले दोगुनी हो सकती है.
पिछले महीने 4,589 मामले सामने आए थे, जो अगस्त के 1,374 मामलों के मुकाबले तीन गुना ज्यादा थे.
UK हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (UKHSA) के नए आंकड़ों से पता चलता है कि हर हफ्ते प्रति 1,00,000 लोगों में से लगभग 2.46 लोगों को कोविड के कारण अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है.
यह आंकड़ा पिछले हफ्ते 2.13 और दो हफ्ते पहले 1.75 था – यानी इसमें लगभग 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सिर्फ दो हफ्तों में कोविड-19 के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले ब्रिटेनवासियों की संख्या में 40 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है.
कई शहरों में भर्ती होने वालों की संख्या कम आंकड़ों से पता चलता है कि ब्रिटेन के वेस्ट मिडलैंड्स में रहने वाले लोगों के अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम सबसे ज़्यादा है.
वहीं, बर्मिंघम जैसे इलाकों में, हर 1,00,000 लोगों में से लगभग 3.55 लोगों को इस वायरस के कारण अस्पताल में इलाज की ज़रूरत पड़ सकती है.
इसकी तुलना में, साउथ वेस्ट (जिसमें बाथ जैसे शहर शामिल हैं) में अस्पताल में भर्ती होने की दर सबसे कम है. यहां हर 1,00,000 लोगों में से लगभग 1.5 लोग भर्ती हो रहे हैं.
अलग आंकड़ों से पता चलता है कि एक हफ्ते में कोविड से होने वाली मौतों में 46.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. 2 अक्तूबर, 2026 तक के हफ्ते में यह संख्या 28 से बढ़कर 41 हो गई – जो कि उपलब्ध सबसे ताज़ा आंकड़े हैं. 85 साल और उससे ज़्यादा उम्र के लोग अभी भी सबसे ज़्यादा जोखिम वाले समूह में हैं। यहाँ हर 1,00,000 की आबादी पर लगभग 27 लोग अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं – जो राष्ट्रीय औसत से दस गुना से भी ज़्यादा है. 85 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों में से लगभग 13.5 प्रतिशत लोग कोविड पॉजिटिव पाए जा रहे हैं, जबकि सभी आयु समूहों को मिलाकर यह आंकड़ा 8.8 प्रतिशत है.
कोविड के लक्षण तेज़ बुखार लगातार नई खांसी सूंघने या स्वाद लेने की क्षमता में बदलाव या उसका खत्म हो जाना सांस लेने में तकलीफ थकान सिरदर्द मांसपेशियों में दर्द गले में खराश नाक बहना या बंद होना भूख न लगना दस्त जी मिचलाना या उल्टी आना NHS इंग्लैंड की नेशनल मेडिकल डायरेक्टर प्रोफ़ेसर फ्रेंकी स्वॉर्ड्स ने पिछले हफ्ते चेतावनी दी थी कि आने वाले समय में ‘सर्दियों के दबाव के चिंताजनक शुरुआती संकेत’ दिखाई दे रहे हैं.
हाल के हफ्तों में फ्लू के मामले भी बढ़े हैं. पिछले महीने पॉजिटिव टेस्ट की संख्या पिछले साल सितंबर के मुकाबले दोगुनी हो गई है. फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी से बढ़ी चिंता प्रसिद्ध महामारी विशेषज्ञ डॉ.
कैटलिन रिवर्स ने अपने चर्चित मेडिकल न्यूज़लेटर ‘फोर्स ऑफ़ इन्फेक्शन’ (Force Of Infection) के हालिया अंक में लिखा है, “कुछ तो चल रहा है। ” ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी में बाल चिकित्सा (पीडियाट्रिक्स) के एमेरिटस प्रोफेसर, डॉ.
एडम फिन ने कहा कि आमतौर पर दिसंबर से पहले फ्लू के मामलों में इतनी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को नहीं मिलती है.
📡 स्रोत: NewsData.io