इतिहास

डॉ. श्रीकांत अवस्थी ने पिता स्वर्गीय श्री उदय नारायण अवस्थी जी को किया भावपूर्ण स्मरण

लेखक: Santosh Yogi अंतिम अपडेट: 7 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
डॉ. श्रीकांत अवस्थी ने पिता स्वर्गीय श्री उदय नारायण अवस्थी जी को किया भावपूर्ण स्मरण

भोपाल। पितृ पक्ष के अवसर पर मानवाधिकार सुरक्षा संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. श्रीकांत अवस्थी ने अपने पिता स्वर्गीय उदय नारायण अवस्थी को भावपूर्ण स्मरण करते हुए कहा कि पितृ पक्ष केवल पूर्वजों को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके दिए संस्कारों, मूल्यों और जीवन आदर्शों को आत्मसात करने का पावन समय है। उन्होंने बताया कि उनके पिता संस्कृत के शिक्षक थे और धर्म, संस्कार एवं अनुशासन उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा थे। प्रतिदिन गंगा स्नान करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था और वे बच्चों को भी साइकिल पर बैठाकर गंगा स्नान के लिए ले जाते थे।

पितरों के संस्कारों को आगे बढ़ाना ही सच्ची श्रद्धांजलि

डॉ. अवस्थी ने कहा कि बचपन में पिता द्वारा दिए गए संस्कारों की गहराई भले उस समय समझ नहीं आई, लेकिन आज वही संस्कार जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। इन्हीं संस्कारों से प्रेरणा लेकर वे वर्तमान में मानवाधिकार सुरक्षा संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय सचिव के दायित्व के साथ ब्राह्मण समाज एवं विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठनों के माध्यम से सेवा और समाजहित के कार्यों में सक्रिय हैं।

उन्होंने कहा कि ब्राह्मण एकता अस्मिता सहयोग संस्कार मंच, कानकुब्ज ब्राह्मण कल्याण परिषद एवं परशुराम सेना मध्यप्रदेश सहित विभिन्न संगठनों से जुड़कर एकता, संस्कार, शिक्षा, सेवा और सहयोग की भावना को आगे बढ़ाना ही उनके पिता एवं पितरों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने सभी से अपनी आने वाली पीढ़ियों को पूर्वजों के संघर्ष, संस्कार और जीवन-मूल्यों से परिचित कराने का आह्वान किया।

डॉ. अवस्थी ने पितृ पक्ष के अवसर पर सभी पितृ देवों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए प्रार्थना की कि पितरों का आशीर्वाद परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों पर सदैव बना रहे तथा सभी को सत्य, सेवा, संस्कार और सद्मार्ग पर चलने की शक्ति मिले।

ॐ पितृभ्यो नमः। पितृ देवों को शत-शत नमन।

— डॉ. श्रीकांत अवस्थी राष्ट्रीय सचिव, मानवाधिकार सुरक्षा संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन

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Santosh Yogi

संतोष योगी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो भोपाल जिला एवं आसपास की घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं।