डॉ. विनीता प्रजापति को साहित्य क्रांति सृजन सम्मान-26, भोपाल में हुआ साहित्यकार सम्मान समारोह
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भोपाल। सामाजिक, साहित्यिक एवं आध्यात्मिक संस्था दृष्टि, गुना द्वारा साहित्य क्रांति पत्रिका के उद्यापन समारोह एवं साहित्यकार सम्मान समारोह-26 का आयोजन होटल पलाश, टीटी नगर, भोपाल में किया गया। समारोह में भोपाल की डॉ. विनीता प्रजापति सहित मध्यप्रदेश और देश के विभिन्न राज्यों से आए 58 साहित्यकारों को ‘साहित्य क्रांति सृजन सम्मान-26’ से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार श्रीवास्तव के मुख्य आतिथ्य, उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार रामसनेही लाल शर्मा ‘यायावर’ की अध्यक्षता तथा साहित्य अकादमी, संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन के निदेशक डॉ. विकास दवे के सारस्वत आतिथ्य में हुआ। मध्यप्रदेश लेखक संघ के प्रादेशिक अध्यक्ष राजेन्द्र गट्टानी और ध्यान विज्ञान परामर्श संस्थान के संस्थापक एवं वायु बिल्डकॉन ग्रुप ऑफ कंपनीज, भोपाल के चेयरमैन राम मनोहर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। भोपाल की कवयित्री डॉ. प्रतिभा द्विवेदी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। गुना से आईं ललित निबंधकार डॉ. शोभा सिंह ने स्वस्ति वाचन किया।
कार्यक्रम संयोजक एवं मासिक साहित्य क्रांति पत्रिका के संपादक अनिरुद्ध सिंह सेंगर ने स्वागत वक्तव्य देते हुए पत्रिका की यात्रा और उसके उद्यापन की परिस्थितियों पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि करीब ढाई दशक तक प्रकाशित साहित्यिक पत्रिका का प्रकाशन बंद होना साहित्य और संस्कृति के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने साहित्य क्रांति के प्रकाशन को साहित्यिक अनुष्ठान बताते हुए कहा कि अब इसका उद्यापन किया जा रहा है।
इस अवसर पर स्मारिका ‘सृजन-26’ का लोकार्पण भी किया गया। इसके बाद विभिन्न राज्यों से आए साहित्यकारों को ‘साहित्य क्रांति सृजन सम्मान-26’ प्रदान किए गए। सम्मान पाने वालों में मध्यप्रदेश के अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और पंजाब के साहित्यकार शामिल रहे।
मुख्य अतिथि राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार श्रीवास्तव ने साहित्य क्रांति पत्रिका के लंबे समय तक प्रकाशन को चुनौतीपूर्ण कार्य बताते हुए कहा कि ऐसे दौर में जब अनेक साहित्यिक पत्रिकाओं का प्रकाशन बंद हो रहा था, उस समय पत्रिका का निरंतर प्रकाशन महत्वपूर्ण प्रयास था।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रामसनेही लाल शर्मा ‘यायावर’ ने कहा कि ‘उद्यापन’ का अर्थ केवल किसी कार्य को बंद करना नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत भी हो सकता है। साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे ने अनिरुद्ध सिंह सेंगर के आयोजन में नवाचार की सराहना की।
समारोह में मध्यप्रदेश लेखक संघ के प्रादेशिक अध्यक्ष राजेन्द्र गट्टानी, राम मनोहर, गीतगागर के संपादक दिनेश प्रभात, लघुकथा शोध केंद्र के सचिव घनश्याम मैथिल ‘अमृत’, कालिम्पोंग से एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शोभा लिम्बू, नारी दर्पण पत्रिका की संपादक मिथलेश सेंगर, शालिनी सिंह सहित अन्य साहित्यकारों ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन पुणे से आईं एंकर शिवानी सिंह ने किया, जबकि आभार आदित्य सिंह सेंगर ने माना।
‘साहित्य क्रांति सृजन सम्मान-26’ से सम्मानित साहित्यकारों में डॉ. राम बल्लभ आचार्य, प्रभु दयाल मिश्रा, दिनेश भगत, ऋषि शृंगारी, महेश सक्सेना, मनीष बादल, घनश्याम मैथिल अमृत, महेश सोनी, नरेंद्र दीपक, कुमार सुरेश, डॉ. सुधीर शर्मा, डॉ. प्रतिभा द्विवेदी, उषा सक्सेना, सुनील चतुर्वेदी, डॉ.
आनंद मोहन तिवारी, अशोक मनवानी, नीरज छिलवार, दीपक पगारे, डॉ. प्रार्थना पंडित, डॉ. विनीता प्रजापति, विनोद जैन, गोकुल सोनी, कीर्ति श्रीवास्तव, मनोज जैन मधुर, डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’, डॉ. बरखा श्रीवास्तव, अरुण अपेक्षित, अनिल गुप्ता, शंकर राव मोरे, पूजा कृष्णा, दयाल परमार छबड़ा, कीर्ति मेहता ‘कोमल’, डॉ.
हरिमोहन बुधौलिया, संदीप सृजन, माया बदेका, डॉ. राजेश रावल ‘सुशील’, डॉ. हरीशकुमार सिंह, डॉ. अवधेश चांसौलिया, गिरेन्द्र सिंह भदौरिया, संगीता गुप्ता, डॉ. दीपेन्द्र शर्मा, शिशिर उपाध्याय, संतोष परिहार, मनीषा प्रधान, डॉ. शकुंतला प्रजापति, डॉ. शरद नारायण खरे, डॉ. शोभा लिम्बू, गोविंद श्रीवास्तव ‘अनुज’, डॉ.
जवाहर लाल द्विवेदी, डॉ. सतीश चतुर्वेदी ‘शाकुंतल’, डॉ. शोभा सिंह, डॉ. मंजू शुक्ला, पंडित महेश बोहरे, विकास सिंह जाट, बृजेश सिंह बिलासपुर, मनोज फगवाड़वी, संजीव सिंह सेंगर और डॉ. कमलेश थापक शामिल हैं।
नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में सेवाओं के लिए भोपाल की डॉ. आभा शुक्ला और आष्टा के डॉ. अतुल उपाध्याय को ‘दृष्टि उत्कृष्ट सेवा सम्मान-26’ से सम्मानित किया गया।