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DAC ने दिए 1.10 लाख करोड़ के रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 11 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
DAC ने दिए 1.10 लाख करोड़ के रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी

सितंबर 07, नई दिल्ली: रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद यानी डीएसी ने करीब 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये के रक्षा अधिग्रहण प्रस्तावों को आवश्यकता स्वीकृति यानी एओएन प्रदान की है।

इन प्रस्तावों में थल सेना, नौसेना और वायु सेना की क्षमताओं को मजबूत करने वाले कई महत्वपूर्ण उपकरण शामिल हैं।रक्षा मंत्रालय ने बताया कि डीएसी की बैठक में भारतीय सेना के लिए सीबीआरएन टोही वाहन, उच्च गतिशीलता वाहन, स्व-चालित मैकेनिकल माइन लेयर, उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर, ट्रॉल टैंक और सर्वत्र पुल प्रणाली की खरीद को मंजूरी दी गई।

सीबीआरएन टोही वाहन रासायनिक, जैविक, विकिरण और परमाणु खतरों वाले क्षेत्रों की पहचान और निगरानी में सक्षम होंगे।वहीं उच्च गतिशीलता वाहन कठिन इलाकों में सेना की लॉजिस्टिक क्षमता और संचालन को मजबूत करेंगे। भारतीय सेना और वायु सेना के लिए एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर यानी एएलएच की खरीद को भी मंजूरी मिली है, जो अलग-अलग भूभाग और परिस्थितियों में जटिल अभियानों को अंजाम देने में मदद करेंगे।

भारतीय नौसेना के लिए अरुध्रा रडार और मरीन गैस टर्बाइन की खरीद को मंजूरी दी गई है।अरुध्रा रडार मौजूदा एयर रूट सर्विलांस रडारों की जगह लेगा, जबकि मरीन गैस टर्बाइन युद्धपोतों की प्रणोदन क्षमता बढ़ाएगा और विदेशी निर्भरता कम करेगा। भारतीय वायु सेना की युद्ध क्षमता बढ़ाने के लिए लड़ाकू विमान, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टरों से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है।

इसके अलावा ग्राउंड-बेस्ड मल्टी-पर्पस जैमर और डिफेंस फोर्सेज सिक्योर एक्सेस कार्ड सिस्टम को भी मंजूरी दी गई है।जैमर दुश्मन के रडार सिस्टम को निष्क्रिय करने में मदद करेगा, जबकि डीईएफएसएसी सिस्टम कागज आधारित पहचान पत्रों की जगह स्मार्ट कार्ड व्यवस्था लागू करेगा। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, स्वीकृत कुल एओएन में से करीब 98 प्रतिशत खरीद भारतीय उद्योग से की जाएगी, जिससे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत अभियान को और मजबूती मिलेगी।

फोटो- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का पोस्टसोर्स- एक्स (Rajnath Singh)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में 1.10 लाख करोड़ रुपये के रक्षा प्रस्तावों को स्वीकृति दी है। यह निर्णय भारत की ‘आत्मनिर्भर रक्षा’ नीति को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कदम है। प्रस्तावों में थल, नौसेना और वायु सेना के लिए नए हथियार, ड्रोन, मिसाइल सिस्टम और साइबर सुरक्षा उपकरण शामिल हैं। इस स्वीकृति से रक्षा उद्योग में नई नौकरियाँ पैदा होंगी और विदेशी निर्भरता घटेगी। आम जनता को बेहतर सुरक्षा, रोजगार के अवसर और तकनीकी विकास से लाभ मिलेगा।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।