ई-दक्ष केंद्र में ‘कर्मयोगी कर्त्तव्य’ प्रशिक्षण, लोक सेवकों में विकसित की जा रही सेवा भाव की संस्कृति
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →भोपाल के ई-दक्ष केंद्र में लोक सेवकों को जनसेवा और प्रशासनिक दक्षता से जोड़ने के उद्देश्य से ‘कर्मयोगी कर्त्तव्य कार्यक्रम’ (KKK) के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी, भोपाल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों में ‘सेवा भाव’ (Spirit of Service) की संस्कृति विकसित करना और लोक-केंद्रित प्रशासन की अवधारणा को मजबूत करना है।
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देशन और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी इला तिवारी के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के मेडिकल ऑफिसर, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर, iGOT नोडल ऑफिसर सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
प्रशिक्षण के जरिए अधिकारियों और कर्मचारियों को iGOT कर्मयोगी पोर्टल से सक्रिय रूप से जोड़ने, ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के माध्यम से क्षमता निर्माण करने और कर्मयोगी कर्त्तव्य अभियान को प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति का गठन भी किया गया है। समिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, जिला ई-गवर्नेंस प्रबंधक और सभी जिलाधिकारी शामिल हैं।
कर्मयोगी कर्त्तव्य कार्यक्रम का उद्देश्य लोक सेवकों को अधिक दक्ष, उत्तरदायी और सेवा-भावी बनाना है।
इसके माध्यम से प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ाने के साथ जनहित, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देने के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रेरित किया जा रहा है। 7 अगस्त से विभिन्न विभागों के मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण शुरू किया गया है।
प्रशिक्षण प्राप्त अधिकारी और कर्मचारी आगे अपने-अपने विभागों में मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाते हुए सभी लोक सेवकों को 31 दिसंबर 2026 तक प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। --- Key Points ई-दक्ष केंद्र में ‘कर्मयोगी कर्त्तव्य’ प्रशिक्षण कार्यक्रम लोक सेवकों में सेवा भाव और जवाबदेही विकसित करने पर जोर
iGOT कर्मयोगी पोर्टल से अधिकारियों-कर्मचारियों को जोड़ा जा रहा 7 अगस्त से मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण जारी 31 दिसंबर 2026 तक सभी लोक सेवकों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य