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डॉक्टर को मारने वाले शिवसेना पार्षद की जमानत पर सुनवाई:सुप्रीम कोर्ट बोला- हालात बद्तर हुए, ऐसे लोग सड़कों पर नहीं घूमना चाहिए

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 12 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
डॉक्टर को मारने वाले शिवसेना पार्षद की जमानत पर सुनवाई:सुप्रीम कोर्ट बोला- हालात बद्तर हुए, ऐसे लोग सड़कों पर नहीं घूमना चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र में डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों पर हो रहे हमलों पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा- ऐसे हमले कानून और सार्वजनिक व्यवस्था, दोनों के लिए गंभीर मुद्दा बन रहे हैं। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा, “इन लोगों को सड़कों पर घूमने का हक नहीं है।” बेंच ने यह टिप्पणी डोंबिवली के नगर निगम अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों पर हमले के आरोपी शिवसेना पार्षद रमेश सुकर्या म्हात्रे की याचिका पर सुनवाई के दौरान की।

कोर्ट ने पालघर में डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों पर हुए एक नए हमले का भी संज्ञान लिया। बेंच ने कहा, “कल एक और घटना हुई। वही लोग फिर डॉक्टरों पर हमला कर रहे हैं।” वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने म्हात्रे की ओर से कहा कि उन्होंने मामले की जांच की है और पालघर की घटना में शामिल लोग वही नहीं थे।

इस पर बेंच ने साफ किया कि वह “वही विचारधारा” की बात कर रही थी। बेंच ने सवाल किया कि ऐसे हमलों को सही कैसे ठहराया जा सकता है। कोर्ट ने कहा, “आप अस्पताल के अंदर जाकर डॉक्टरों और कर्मचारियों पर हमला कैसे कर सकते हैं?

उन्हें बेरहमी से कैसे पीट सकते हैं?” जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा, “हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। यह कानून और सार्वजनिक व्यवस्था, दोनों का मुद्दा है। इसलिए इन लोगों को हिरासत में लिया जाना चाहिए। ये लोग सड़कों पर घूमने के लायक नहीं हैं।” बॉम्बे हाईकोर्ट की शर्तों को चुनौती सुप्रीम कोर्ट डोंबिवली हमले के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से म्हात्रे को राहत देते समय लगाई गई कड़ी शर्तों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था।

मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि जांच और ट्रायल जल्दी पूरा करने के हाईकोर्ट के निर्देशों से ऐसा लगता है कि मामले में पहले ही फैसला मान लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि जल्दी ट्रायल पर आपत्ति को लेकर सवाल किया और कहा, “एक संदेश जाना जरूरी है।” बेंच ने इससे पहले संकेत दिया था कि वह डोंबिवली में 6 जुलाई को हुए कथित हमले के मामले में म्हात्रे की जमानत रद्द करने पर विचार कर रही है।

इसके बाद म्हात्रे ने कड़ी जमानत शर्तों को चुनौती देने वाली अपनी अपील वापस ले ली। महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर नोटिस इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें म्हात्रे और अन्य आरोपियों को

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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