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दमोह-जबलपुर स्टेट हाईवे पर दर्दनाक हादसा, दो स्कूली छात्राओं की मौत, एक की हालत नाजुक

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 10 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
दमोह-जबलपुर स्टेट हाईवे पर दर्दनाक हादसा, दो स्कूली छात्राओं की मौत, एक की हालत नाजुक

दमोह। दमोह-जबलपुर स्टेट हाईवे पर अभाना के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो स्कूली छात्राओं की मौत हो गई, जबकि तीसरी छात्रा गंभीर रूप से घायल है। हादसे के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और हाईवे पर जाम लगा दिया। इसके चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

जानकारी के मुताबिक, अभाना में स्कूल जा रही तीन छात्राओं को तेज रफ्तार यात्री बस ने टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि दो छात्राओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि तीसरी छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल छात्रा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने सड़क पर जाम लगाकर विरोध जताया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर यात्री बसें तेज रफ्तार से दौड़ती हैं और पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन रफ्तार पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। ग्रामीणों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की।

घटना की सूचना मिलने के बाद जिला अस्पताल में पूर्व मंत्री एवं दमोह विधायक जयंत मलैया, कलेक्टर और अन्य जिम्मेदार अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ितों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

वहीं, मामले में नोहटा पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को जब्त कर लिया है। हादसे के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इस दर्दनाक घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

सड़क सुरक्षा की अनदेखी से अनगिनत जीवन बर्बाद होते हैं। हमें न केवल नियमों का पालन करना चाहिए, बल्कि अपने आस-पास के लोगों के प्रति जागरूक रहना भी ज़रूरी है। स्कूल जाने वाली छात्राओं के साथ यह घटना हमें सिखाती है कि ट्रैफ़िक नियमों का पालन, सीट बेल्ट लगाना और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल से दूरी बनाए रखना कितनी ज़रूरी है। समाज में सहानुभूति और जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देकर हम ऐसी दुर्घटनाओं को रोक सकते हैं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।