दमोह के किसान खेती में नवाचार की नई कहानी लिख रहे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दमोह जिले के किसान खेती में नवाचार कर नई पहचान बना रहे हैं। उन्होंने आज मंगलवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बलराम कृषि महोत्सव में किसानों से संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने किसानों से फसल विविधीकरण, नई तकनीक, प्राकृतिक-जैविक खेती, उद्यानिकी, पशुपालन और मछली पालन अपनाकर आय बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि धान और ज्वार-बाजरा के समर्थन मूल्य पर उपार्जन के लिए किसान पंजीयन 15 सितंबर से 10 अक्टूबर तक होगा। दमोह में अश्वगंधा की खेती को बढ़ावा देने के साथ आगामी खरीफ सीजन में मखाने की खेती भी शुरू की जाएगी।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
दमोह जिले के किसान नई तकनीक और जैविक खेती के जरिए फसल विविधीकरण कर रहे हैं, जिससे आय बढ़ रही है। यह विषय कृषि नवाचार और ग्रामीण विकास पर केंद्रित है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाती है कि सरकारी समर्थन और किसान प्रयासों से कृषि में बदलाव संभव है। इससे आम जनता को बेहतर खाद्य सुरक्षा, किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार और ग्रामीण रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।