दरवाजे से ही लौट रहे रिश्ते, 'स्मार्ट विलेज' के बड़े दावे और जमीनी हकीकत! गांव की बदहाली पर ग्रामीणों में आक्रोश

मटियारी नदी के पास बसे इस गांव में ग्रामीणों ने साल 2012 से लगातार जनसुनवाई, कलेक्टर और प्रभारी मंत्री तक गुहार लगाई. लेकिन आश्वासन के सिवाय आज तक इस 2 किलोमीटर रास्ते पर एक गिट्टी तक नहीं बिछाई गई. ग्रामीणों का कहना है कि वे जनसुनवाई से लेकर आला अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा-लगाकर थक चुके हैं.
लेकिन प्रशासन की नींद नहीं टूटी ग्रामीण अपने बच्चों के भविष्य, मरीजों की जान और युवाओं के बसते घर को उजड़ता देख लगातार चिंतित हैं.
📡 स्रोत: News18 Hindi MP